गुजरात बाढ़: राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण गुजरात की कई नदियाँ और जलाशय उफान पर हैं। राजकोट, आनंद, महिसागर, खेड़ा, अहमदाबाद, मोरबी, जूनागढ़ और भरूच सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं।

गुजरात में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जिसमें अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। भारी बारिश और लगातार हो रहे पानी के बहाव ने कई जिलों को प्रभावित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में निर्देश दिए हैं। इस दौरान, पीएम मोदी ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है, जो दर्शाता है कि अधिक भारी बारिश की संभावना है। इस अलर्ट के मद्देनजर, स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, और राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया है। राहत कार्यों में सेना और एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और बाढ़ से बचने के लिए जारी की गई सलाह का पालन करें। स्थिति की निगरानी की जा रही है और आगे की जानकारी समय-समय पर प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर इस संकट से निपटने के लिए प्रयासरत हैं, और सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।