चुनावी नतीजों के बीच शेयर बाजार में उथल-पुथल शुरू हो गई है। बाजार में भारी गिरावट के बीच सरकारी शेयरों की धज्जियां उड़ गई हैं। एसबीआई, एलआईसी, और एचएएल के साथ रेलवे के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।

चुनावी नतीजों के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स की मात्र 50 मिनट में 2800 अंकों से अधिक गिरावट हो चुकी है। इसका खास जिक्र तो यह है कि जिन सरकारी शेयरों का दम भरा जा रहा था, उन्हीं शेयरों की धज्जियां सबसे अधिक उड़ रही हैं। एसबीआई, एलआईसी और एचएएल के साथ रेलवे के शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
इसके साथ ही, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3% से अधिक की गिरावट देखने को मिल रही है, जबकि अडानी ग्रुप के शेयर भी धाराप्रवाह में गिर गए हैं। टीसीएस के शेयर में भी एक प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है। साथ ही, फार्मा के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है, जिसके कारण निवेशकों को अब तक 14 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है।
पहले सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिली थी, जिसका प्रमुख कारण एग्जिट पोल में बीजेपी को बड़ा बहुमत मिला था। इसका असर शेयर बाजार में तुरंत दिखा, सेंसेक्स में 2500 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली थी, और निफ्टी में भी 3% से अधिक का इजाफा हुआ था। निवेशकों को सोमवार के दिन 13.78 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ था।
मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का सामना है। सेंसेक्स और निफ्टी के साथ, अन्य भागों में भी गिरावट का सामना है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3% से अधिक की गिरावट हुई है, जबकि अडानी ग्रुप के शेयर भी डूब गए हैं। टीसीएस के शेयर में भी एक प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है।
निवेशकों को गहरे नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन फार्मा के शेयरों में तेजी के क्षेत्र में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इस प्रकार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों को मोटा नुकसान हो गया है। बीएसई के मार्केट कैप शेयर बाजार में निवेशकों के लाभ और नुकसान के साथ जुड़ा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को बीएसई के मार्केट कैप 4,25,91,511.54 करोड़ रुपए था, जबकि आज कारोबारी सत्र के दौरान यह 4,11,64,440.20 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि निवेशकों को इस दौरान 14,27,071.34 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और उन्हें बाजार की वापसी की उम्मीद है। बीएसई के मार्केट कैप की गिरावट ने बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है, जिससे निवेशकों को सावधान रहने की आवश्यकता है।