पुणे के कल्याणीनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। नशे में धुत एक नाबालिग ने अपनी लग्जरी कार पोर्शे से दो इंजीनियरों को कुचल दिया। अब इस मामले में ससून अस्पताल के दो डॉक्टर भी फंस गए हैं। नाबालिग को बचाने के लिए उन्होंने उसके खून के नमूने बदल दिए थे।

पुणे पोर्शे हादसे में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने अब इस मामले में फॉरेंसिक विभाग के एचओडी समेत 2 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। उन पर नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल गायब करने का आरोप है। ऐसा करने पर उनके सैंपल में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई।आपको बता दें कि नाबालिग को सुबह 11 बजे मेडिकल टेस्ट के लिए सबसे पहले ससून अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उनके खून के नमूने को ऐसे व्यक्ति के नमूने से बदल दिया गया जिसने शराब का सेवन नहीं किया था।
गिरफ्तार किए गए लोगों में अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय तावरे और डॉ. श्रीहरि हरनोल शामिल हैं, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
क्या है मामला ?
19 मई की सुबह पुणे के कल्याणी नगर जंक्शन पर 17 वर्षीय लड़के द्वारा कथित रूप से चलाई जा रही तेज रफ्तार पोर्शे ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई। दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने लड़के की पिटाई की और उसे पुलिस को सौंप दिया। । उनके खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) येरवडा पुलिस स्टेशन में सुबह 8 बजे के आसपास दर्ज की गई थी। इसके बाद लड़के को मेडिकल जांच के लिए ससून अस्पताल ले जाया गया जहां सुबह 11 बजे के आसपास उसके रक्त के नमूने लिए गए।
पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने रक्त के नमूने एकत्र करने के समय में चूक की बात स्वीकार की। अपनी जांच के दौरान, पुलिस ने यह भी पाया कि ससून अस्पताल के डॉक्टरों ने नाबालिग आरोपी के रक्त में अल्कोहल की मात्रा को मापने के लिए फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजते समय उसके रक्त के नमूने को कथित तौर पर बदल दिया था। हालाँकि, पुणे शहर पुलिस ने एहतियात के तौर पर, उसी दिन (19 मई) शाम को डीएनए सैंपलिंग के लिए लड़के का एक और नमूना लिया था।
दो पुलिसकर्मी निलंबित
हाल ही में इस घटना से जुड़े दो पुलिसवालों पर लापरवाही बरतने के लिए गाज गिरी थी| लेकिन दोनों ने ही घटना के बारे में अपने सीनियर्स और कंट्रोल रूम को जानकारी नहीं दी थी. येरवडा पुलिस स्टेशन के इन दोनों पुलिस अफसरों को पुणे आयुक्त ने निलंबित कर दिया था। इनके नाम पुलिस निरीक्षक राहुल जगदाले और एपीआई विश्वनाथ टोडकरी है। सुनने मैं आया है कि ये दोनों अफसर वारदात के उपरान्त सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे।