रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आईफोन यूजर्स के हर एक टैप की जानकारी शेयर की जाती है कि वह कौन सा ऐप खोज रहा है और उसमें क्या कर रहा है.

एप्पल का दावा है कि वह एंड्रॉयड की तुलना में ज्यादा सेफ है और उसके ऐप्स यूजर्स का डाटा ट्रैक नहीं करते हैं. लेकिन एक नई रिपोर्ट् पर भरोसा करें तो पता चलता है कि ऐप्पल भी कोई संत नहीं है. ऐप्पल के कुछ ऐप्स पर आरोप लगाया गया है कि वे यूजर्स की एक्टिविटी को ट्रैक करते हैं.रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल आपके आईफोन की हर एक एक्टिविटी को ट्रैक करता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल आईफोन, एप्पल म्यूजिक, ऐप्पल टीवी,बुक्स और स्टॉक की मदद से यूजर्स की एक्टिविटी को ट्रैक करता है. यह शोध एक स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने किया है. यह शोध उन्होंने ऐप्पल के डाटा का इस्तेमाल किया है. इस शोध में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ट्रैकिंग को बंद करनेके बाद भी वो कैसे काम करेग.
एप्पल मुताबिक, जब यूजर्स आईफोन एनालिटिक्स की सेटिंग्स में जाकर उसे बंद कर देता है और डाटा शेयरिंग को डिसेबल कर देता है. तो ऐप्पल का दावा है कि उसे कोई भी उसे ट्रैक नहीं कर पाता है. ऐप डेवलपर्स और सिक्योरिटी रिसर्चर, टॉमी मिस्क और टाला हज बाक्री ने कहा है कि सेटिंग्स मेंबदलाव करने के बाद भी ऐप्पल के डाटा कलेक्शन पर कोई नहीं पड़ा है. प्राइवेसी सेटिंग्स को ऑफ करने के बाद भी यूजर्स उस डाटा को एक्सेस कर सकते हैं.
इस आईओएस का जिक्र
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईओएस 14.6 के ऐप स्टोर पर मौजूद ऐप हर एक टैप को यूजर्स को शेयर कर रहे थे. यह डाटा रिक्वेस्ट पर शेयर किया जा रहा था. ऐसे में रिपोर्ट्स में दावा कियागया है कि आईफोन यूजर्स के हर एक टैप की जानकारी शेयर की जाती है कि वह कौन सा ऐप खोज रहा है और उसमें क्या कर रहा है. इतना ही नहीं यूजर्स किस प्रकार के विज्ञापन को ज्यादा देख रहा है, उस एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जाता है.
एंड्रॉयड की तुलना में ज्यादा कहा जाताहै
आईफोन को एंड्रॉयड की तुलना में ज्यादा सुरक्षित बताया जाता है.साथ ही कई रिपोर्ट्स में दावा भी किया जा चुका है कि आईफोन में यूजर्स का डाटा सेफ रहता है और उसे ट्रैक नहीं कर सकता है.