मौसम विभाग से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है जो चक्रवात में तब्दील हो सकता है. आईएमडी ने ओडिशा के तटीय जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है.

बंगाल की खाड़ी में एक बड़े चक्रवात तूफान की आशंका जताई जा रही है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है, जो अगले चार दिनों में तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 22 अक्टूबर तक गहरे दबाव में और 24 अक्टूबर तक एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. कम दबाव वाले क्षेत्र की वजह से साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से औसतत 7.6 किलोमीटर तक उठ रहा है.
आईएमडी ने एक बयान में कहा, उत्तरी अंडमान सागर और उसके आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से उत्तरी अंडमान सागर और दक्षिण अंडमान सागर के आसपास के क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है. इससे संबंधित साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से औसतत 7.6 किलोमीटर तक उठ रहा है.
ओडिशा सरकार ने 7 जिलों में जारी किया अलर्ट
बयान में कहा गया, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर तक मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे दबाव क्षेत्र में तब्दील होने की आशंका है. इसके अगले 48 घंटे में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान के और तीव्र होने की आशंका है.इस बीच, ओडिशा सरकार ने आईएमडी के चक्रवात के पूर्वानुमान के मद्देनजर सात तटीय जिलों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया है.
माना जा रहा है कि ओडिशा के गंजाम, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों में इसका असर दिख सकता है. सरकार की तरफ से जारी निर्देशों में अधिकारियों से सतर्क रहने और स्थिति पर करीबी नजर रखने को कहा गया है. मौसम विज्ञान विभाग ने 23 अक्टूबर को पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में भारी बारिश का अनुमान भी लगाया है.
चक्रवात का लैंडफॉल लोकेशन
रिपोर्ट के मुताबिक, जहां तक इसके लैंडफॉल लोकेशन का सवाल है, मौसम विभाग ने इस बारे कोई जानकारी नहीं दी है. यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फॉरकास्ट ने बताया है कि 25 अक्टूबर तक दीघा (पश्चिम बंगाल) और पाथेर घाट (बांग्लादेश) के तटों के बीच लैंडस्लाइड हो सकता है, जबकि IMD ने संकेत दिया है कि यह 28 अक्टूबर के आसपास ओडिशा में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ सकती है.