भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव ने हाल ही में प्रेशर और मेंटल हेल्थ को लेकर बयान दिया है. पूर्व कप्तान का यह बयान फैंस को पसंद नहीं आया और उनके खिलाफ ट्विटर पर कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हाल ही में मेंटल हेल्थ को लेकर दिए अपने बयान के कारण सुर्खियों में हैं। एक कार्यक्रम के दौरान कपिल देव ने कहा की अगर किसी खिलाड़ी को क्रिकेट से प्यार है तो उसे प्रेशर और डिप्रेशन जैसी चीजें महसूस नहीं होनी चाहिए। हालांकि उनके इस बयान पर कुछ लोगों ने उनकी प्रशंसा भी की लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ तबके ऐसे भी हैं जो उनसे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। मेंटल हेल्थ पर कपिल देव के बयान पर यूजर्स ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
भारत को अपनी कप्तानी में पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब दिलाने वाले कपिल देव अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। वह क्रिकेट के किसी भी मुद्दे पर सटीकता के साथ अपनी बात को रखते हैं। इसी क्रम में खिलाड़ियों पर होने वाले दबाव को लेकर कपिल देव ने कहा, ‘मुझे खेलने का जुनून था। यही अंतर है। मैं विषय को थोड़ा बदलना चाहूंगा। मैं इन दिनों टीवी पर बहुत कुछ सुनता हूं। लोग कहते हैं, ‘दबाव है, हम आईपीएल खेलते हैं, बहुत दबाव है’। मैं केवल एक ही बात कहता हूं। ‘मत खेलो’। यह दबाव क्या है? यदि आप क्रिकेट से प्यार करते हैं, तो कोई दबाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, ‘प्रेशर, डिप्रेशन’ ये अमेरिकी शब्द हैं, दबाव हो या अवसाद। मुझे यह समझ नहीं आता। मैं एक किसान हूं। मैं वहां से आया हूं। हम मजे के लिए खेले और जहां आनंद है, वहां दबाव नहीं हो सकता।’
एक यूजर ने कहा, ‘मिस्टर कपिल देव आप एक महान स्पोर्ट्स पर्सन हैं लेकिन आपके समय और अभी में तुलना नहीं की जा सकती है। मैं सम्मान के साथ आपसे अहसमति जताता हूं।’
यूजर ने लिखा, ‘यह बहुत भयानक है, और वहां बैठे लोगों को तो देखिए कैसे ताली बजाकर हंस रहे हैं। कपिल देव मेंटल हेल्थ के मुद्दे पर कैसे हल्के में लेकर बात कर रहे हैं और वो भी अपने विचार स्कूली के सामने रखते हुए। एक यूजर ने लिखा, ‘बहुत ही निराशाजनक एक बेहतरीन क्रिकेटर रह चुके कपिल देव ऐसी बातें कर रहे हैं। दबाव एकेडमी हो या वर्क प्लेस की वह वास्तविक होता है। अवदास भी एक वास्तविकता है।’
एक यूजर ने लिखा, ‘माफी चाहूंगा कपिव देव, हम आपसे प्यार करते हैं लेकिन यहां आप सही नहीं हैं। प्रेशर और डिप्रेशन वास्तविक होता है। चाहे वह बच्चे या बड़े सब इसे महसूस करते हैं।’