उत्तराखंड के पौड़ी में मंगलवार को बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. बस में करीब 50 बाराती सवार थे. हादसे के बाद अभी तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि अभी आंकड़े बढ़ सकते हैं.

उत्तराखंड़ के पौड़ी गढ़वाल में मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ. यहां धुमाकोट के बीरोंखाल इलाके में एक बस खाई में जा गिरी. बस के खाई में जा गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया. पुलिस और एडीआरएफ ने दुर्घटनाग्रस्त बस से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया. हालांकि, इस हादसे में 25 लोगों की मौत की भी पुष्टी हो चुकी है. डीजीपी अशोक कुमार ने जानकारी दी कि रात में चले राहत और बचाव कार्य में जिन 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, उन्हें चोटें आई हैं और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बस एक शादी के कार्यक्रम से लौट रही थी.
बीरोंखाल के पास सिमड़ी गांव में यह दुर्घटना मंगलवार रात लगभग 8 बजे हुई. घटना की संवेदनशीलता के को देखते हुए मणिकांत मिश्रा, सेनानायक SDRF ने श्रीनगर, कोटद्वार, खैरना, सतपुली व रुद्रपुर से SDRF की रेस्क्यू टीमों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया. बारात में शामिल यह बस बस लालढांग हरिद्वार से काड़ागांव वापिस आ रही थी. सिमड़ी गांव के पास मोड़ काटते समय बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई. SDRF रेस्क्यू टीमों ने रात के अंधेरे और बहुत ही विषम परिस्थितियों के बीच खाई में रस्सी बांधी और स्ट्रैचर की मदद से एक-एक कर के घायलों को निकाला गया.
5 डॉक्टरों की टीम मौके पर रवाना
वहीं, मामले में ब्लाक प्रमुख राजेश कंडारी ने बताया कि बस करीब 500 मीटर नीचे खाई में गिरी है. इसके साथ ही बीरोखाल स्वास्थ्य केंद्र से पांच डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई है. बस में सवार लालडांग निवासी पंकज किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले.उन्होंने बताया कि आज दोपहर करीब 12 बजे बस लालढांग से कंडा मल्ला की ओर चली थी. शाम करीब 8 बजे बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. पौड़ी का यह हादसा साल 2018 में हुए बस सड़क हादसे की याद दिलाता है. जिसमें करीब 61 यात्रियों सवार एक बस गहरी खाई में जा गिरी थी. हादसे में 48 लोगों की मौत हुई थी. इसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल रहीं.
उत्तरकाशी में भी आफत,11 पर्वतारोही अभी भी बर्फीले तूफान में फंसे
उधर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी आफत आन पड़ी है. यहां 5 हजार फीट से ज्यादा ऊंची द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी पर बर्फीले तूफान के कारण 29 पर्वतारोही फंस गए. हालांकि, कड़ी मशक्कत कर 8 लोगों को बचा लिया गया. मामले में अब तक 10 की मौत की खबर भी है. एसडीआरएफ और एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी क्षेत्र की रेकी कर रहे हैं. यानी अभी भी 11 की खोजबीन की जा रही है.