सोशल मीडिया का दावा है कि मान नशे में होने के कारण फ्रैंकफर्ट में विमान से उतरा गया. आम आदमी पार्टी (आप) राजनीतिक विरोधियों के इन आरोपों का जोरदार खंडन कर रही है.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जर्मनी से वापस लौट रहे थे. आखिरी वक्त पर उनको फ्लाइट छोड़नी पड़ी. सोशल मीडिया का दावा है कि मान नशे में होने के कारण फ्रैंकफर्ट में विमान से उतरा गया. इसके अलावा विपक्षी पार्टियों के नेता भी यही आरोप लगा रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट किया, सह-यात्रियों के हवाले से मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि पंजाब CM भगवंत मान को लुफ्थांसा फ्लाइट से उतारा गया क्योंकि वे बहुत नशे में थे और चलने की हालत में भी नहीं थे. ऐसी रिपोर्ट पंजाबियों को शर्मिंदा करती हैं.’
ऑनलाइन मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मान 11 से 18 सितंबर तक जर्मनी की यात्रा पर थे. 18 को उनकी वापसी की फ्लाइट थी. रिपोर्ट में दावा किया है कि तबियत खराब होने के कारण उन्होंने फ्लाइट नहीं ली थी. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मान और उनके अधिकारियों की टीम निर्धारित समय के अनुसार बुक की गई फ्लाइट में नहीं बैठे. भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कथित तौर पर पंजाब के सीएम मान को हवाई अड्डे से लेने के लिए फिर से कैब बुलाई क्योंकि वह फ्लाइट में नहीं चढ़े थे.
बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा वे एक ट्वीट करते हुए सीएम भगवंत मान पर तंज कसा है. वर्मा ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा है कि भगवंत मान ने वादा केजरीवाल से इंडिया में शराब को हाथ नहीं लगाने का किया था ना कि विदेश में. भगवंत मान ने केजरीवाल के सामने वादा किया था कि वो शराब नहीं पियेंगे. केजरीवाल ने एक रैली में इस बात को बताया भी था.