कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की सेहत को लेकर हर दिन खबरें सामने आ रही हैं. बहुत ज्यादा उनकी सेहत में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है.

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की सेहत को लेकर हर दिन कोई न कोई अपडेट सामने आ ही रहा है. राजू श्रीवास्तव को अब तक होश नहीं आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर्स का मानना है कि जब तक राजू श्रीवास्तव के ब्रेन में हरकत नहीं होगी तब तक उनकी हालत को ठीक नहीं माना जा सकता. राजू श्रीवास्तव पिछले 31 दिनों से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं. अभी भी वो वेंचिलेटर पर ही हैं, लेकिन खबर ये आ रही है कि उन्हें दोबारा से बुखार आ गया है.
परिवार वालों ने कहा कि बुधवार यानी 7 सितम्बर को रात 2 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे के बीच उनकी आंखों में हल्की से मूवमेंट हुई। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि इसे होश में आना नहीं कहते।

राजू श्रीवास्तव 10 अगस्त को जिम में एक्सरसाइज करते हुए बेहोश हो गए थे. बताया जा रहा था कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है. उसी दिन जिम के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था और डॉक्टरों ने उसी दिन उनकी एंजियोप्लास्टी भी की थी. तब से वो दिल्ली के एम्स अस्पताल में ही भर्ती हैं. राजू श्रीवास्तव को संक्रमण के खतरे की वजह से लोगों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा था. सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर्स अब भी राजू की सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं. उनका कहना है कि वो जब तक होश में नहीं आ जाते, तब तक ये चिंता बनी रहेगी. डॉक्टर्स ने केवल राजू श्रीवास्तव की पत्नी शिखा को ही आईसीयू के अंदर जाने की परमिशन दी थी, लेकिन जब उनका बुखार उतरा तो उनकी बेटी अंतरा को भी उनसे मिलने की परमिशन दे दी गई थी.
राजू श्रीवास्तव को चौथी बार बुखार आया है। मौजूदा समय में भी उन्हें करीब 100 डिग्री तक बुखार है। डॉक्टर्स ने उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए वेंटीलेटर की सभी नलियों को बदल दिया है। हालांकि अब राजू के सभी अंग पूरे तरह से अपनी क्षमताओं पर काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन सपोर्ट की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। वहीं गले में नली के माध्यम से उनको रोजाना दूध और जूस दिया जा रहा है।
कुछ दिनों पहले राजू श्रीवास्तव के भाई ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में ये कहा था कि राजू श्रीवास्तव की किडनी, हार्ट, लीवर, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल पूरी तरह से सामान्य हैं. लेकिन बुखार की वजह से उनका वेंटिलेटर न हटाने का डॉक्टर्स ने फैसला लिया है. उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट भी न के बराबर दिया जा रहा है.