मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में पेश कर केंद्र पर जमकर हमला बोला. उन्होंने महंगाई से लेकर अलग-अलग राज्यों में गिर रही सरकारों के लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा.

दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही आज दूसरे दिन विपक्ष ने हंगामा किया. हंगामे के चलते दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही का संचालन कर रही विधानसभा की उपाध्यक्षा राखी बिरला ने विपक्ष के सभी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया. इसके बाद सदन के नेता और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंत्री परिषद की सहमति के बाद विश्वास मत संबंधी प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद सदन में इस पर चर्चा शुरू की गई.
सदन में प्रस्ताव पेश करने से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वक्तव्य देते हुये देश में बढ़ती महंगाई और केंद्र सरकार की कर्ज माफी योजना पर सवाल खड़े किये. उन्होंने बड़े उद्योगपतियों के लोन माफ करने पर सवाल उठाए और मध्यम वर्गीय लोगों पर महंगाई की मार थोपने के संगीन आरोप लगाए. वक्तव्य के बाद चर्चा की शुरूआत सत्ता पक्ष के सदस्य राजेश गुप्ता ने की.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि लोगों ने पूछा कि विश्वास प्रस्ताव की क्या ज़रूरत है, मैंने कहा विश्वास प्रस्ताव से हम दिखाना चाहते हैं कि AAP का एक-एक विधायक और कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस सफल रहा लेकिन दिल्ली में आकर वह टायं-टायं फिस हो गया.
केजरीवाल ने BJP को दिया चैलेंज
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विधायकों को ‘आप’ (आम आदमी पार्टी) छोड़ने और भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) में शामिल होने के लिए 20 – 20 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी, लेकिन हमारे विधायक ईमानदार हैं और ‘ऑपरेशन लोटस’ असफल रहा. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने (भाजपा ने) मणिपुर, बिहार, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में सरकारें गिराईं, कुछ जगह पर उन्होंने 50 करोड़ रुपये भी दिए. केजरीवाल ने भाजपा को आप के एक भी विधायक को खरीदने की चुनौती देते हुए कहा कि वे कट्टर ईमानदार विधायक हैं.
दोस्तों का लोन माफ कर दें तो देश में महंगाई कम हो जाए
अरविंद केजरीवाल ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार का घेराव करते हुए कहा कि गरीब आदमी की एक किश्त रह जाए तो बैंक की तरफ से उसे नोटिस आ जाते हैं, किसानों का लोन माफ नहीं होता है लेकिन उनके ‘दोस्तों’ का लोन बिना कहे माफ हो जाता है. उन्होंने कहा कि अगर उनके (नरेंद्र मोदी) कुछ दोस्तों का लोन वसूल लिया जाए तो देश से महंगाई खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि जब भी महंगाई बढ़े तो समझ लेना कि कहीं न कहीं सरकार गिरने वाली है और सरकार गिरे तो यह समझ लेना कि जल्द ही देश में कहीं न कहीं महंगाई बढ़ने वाली है.