गुरुवार को खेले गए पहले वनडे मैच में कप्तान केएल राहुल बैटिंग का मौका नहीं मिला क्योंकि भारत ने 10 विकेट से यह मैच अपने नाम कर लिया था. अब दूसरे मैच में वह अपनी बैटिंग की कामना जरूर कर रहे होंगे.

जिम्बाब्वे दौरे पर गई टीम इंडिया शनिवार को मेजबान टीम के खिलाफ दूसरा मैच खेलने उतरेगी. पहले वनडे में भारत ने एक तरफा अंदाज में मेजबान टीम को रौंद दिया. भारत की इस सीरीज जीत के बाद अब तीन मैचों की यह सीरीज उसके लिए बहुत साधारण चुनौती दिख रही है. इस बीच चोट के चलते लंबे समय पर मैदान पर वापसी कर रहे केएल राहुल यहां कुछ बैटिंग करना जरूर चाहेंगे. राहुल को इस सीरीज के बाद एशिया कप में खेलना है ऐसे में वह इस अहम टूर्नामेंट से पहले बल्लेबाजी में अपने आत्मविश्वास और लय को जरूर परखना चाहेंगे.
पहले मैच से ही दोनों टीमों के प्रदर्शन में जो अंतर दिखा है उससे यह पूरी सीरीज एकतरफा हो गई है. अब दूसरे वनडे में भारतीय टीम का लक्ष्य टॉस जीतने पर पहले बल्लेबाजी का होगा ताकि बल्लेबाजी के लिए समय मिल सके. उछालभरी पिच और तेज हवाओं से बल्लेबाजों के लिए चुनौती आसान नहीं होगी.
दीपक चाहर ने पहले मैच के बाद कहा था कि दूसरे सत्र में गेंदबाजों को खास मदद नहीं मिल सकी है लेकिन पहले घंटे का खेल बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं था. जैसे गेंदबाजों को खेलने से पहले भारतीय टीम के लिये बल्लेबाजी अभ्यास जरूरी है.
पहले मैच में शिखर धवन और शुभमन गिल से पारी की शुरूआत जारी रखने वाले कप्तान राहुल ने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया लेकिन अब एशिया कप से पहले बल्लेबाज राहुल को भी रंगत में लौटना होगा. उन्हें पहली ही गेंद से आक्रमण की भारत की रणनीति को तुरंत अपनाना होगा. जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीम के खिलाफ राहुल के लिए यह सुनहरा मौका है.
वहीं दीपक हुड्डा को अगर बल्लेबाजी क्रम में ऊपर उतारा जाए तो उनका आत्मविश्वास बढे़गा. संजू सैमसन अगर चौथे नंबर पर उतरते हैं तो पारी के सूत्रधार की भूमिका निभा सकते हैं. कार्यवाहक कोच वीवीएस लक्ष्मण की नजरें पहले सीरीज जीतने और उसके बाद टीम संयोजन में प्रयोग पर होंगी. धवन की बाजू में लगी चोट अगर गंभीर होती है तो ईशान किशन और राहुल का बायां दायां संयोजन पारी की शुरुआत के लिए उम्दा होगा.