चुनाव आयोग ने एक ऐसी घोषणा की है, जिससे जम्मू कश्मीर में रह रहे गैर कश्मीरी बाहरी लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है. आर्टिकल 370 हटने के बाद पहली बार यहां चुनाव की उम्मीदें बंधने लगी हैं और अब गैर कश्मीरी भी मतदाता सूची में नाम दर्ज करवा सकते हैं.

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 हटने के बाद पहली बार इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने की संभावनाएं बन रही हैं. चुनाव की घोषणा कब होगी इस पर तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इससे पहले चुनाव आयोग ने जरूर एक बड़ा ऐलान करके देश में लोगों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी है. दरअसल चुनाव आयोग का कहना है कि जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनावों में बाहरी लोग भी वोट डाल पाएंगे.
वोटर लिस्ट में दर्ज करवाएं नाम
जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हृदेश कुमार का कहना है कि राज्य में रह रहे बाहरी लोग भी यहां मतदान कर पाएंगे. इसके लिए उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना होगा. मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए उन्हें किसी तरह से निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी. यही नहीं चुनाव आयोग के अनुसार जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाबलों के जवान भी यहां कि मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में करीब 25 लाख नए मतदाताओं का नाम नई मतादाता सूची में शामिल होने की उम्मीद है.
आप सब भी बन सकते हैं मतदाता
हृदेश कुमार ने बताया कि यहां काम करने वाले कर्मचारी, पढ़ाने करने आए छात्र, काम की तलाश में आए मजदूर और कोई भी गैर स्थानीय जो कश्मीर में रह रहा है, वह अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकता है. ज्ञात हो कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद राज्य में पहली बार मतदाता सूची में संशोधन हो रहा है.
उम्मीद है कि इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेंगे. पिछले तीन-चार वर्षों में बहुत से युवा 18 वर्ष की आयु को प्राप्त हुए हैं, वे सभी भी नई मतदाता सूची में शामिल होंगे. आगामी 15 सितंबर से मतदाता सूची में नाम शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो 25 अक्टूबर तक चलेगी.
लाखों नाम जुड़ेंगे
10 नवंबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा किए जाने की समय सीमा रखी गई है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में फिलहाल 98 लाख लोग 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं, लेकिन मतदाता सूची में सिर्फ 76 लाख लोग ही शामिल हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बार मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नए नाम दर्ज होंगे.