वैश्विक अर्थशास्त्र मंदी के बीच प्रमुख टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी शुरू कर दी है. माइक्रोसॉफ्ट ने अपने 200 कर्मचारियों को निकाला था.

गूगल में काम करने वाले कर्मचारियों पर छंटनी की गाज गिर सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल के अधिकारियों ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर कंपनी के लिए बेहतर रिजल्ट नहीं मिलता है तो वो (कर्मी) छंटनी के लिए तैयार रहे. इस महीने की शुरुआत में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा था कि वह कई कर्मचारियों के काम से संतुष्ट नहीं हैं.
गूगल क्लाउड सेल्स डिपार्टमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार, उनके सीनियर अधिकारियों ने कहा है कि कंपनी ओवरऑल सेल्स प्रोडक्टविटी की समीक्षा करेगी और अगर अगली तिमाही के परिणाम अच्छे नहीं दिखते हैं तो उनके (कर्मियों) लिए ‘मुश्किलें’ बढ़ सकती हैं. इस चेतावनी के बाद कंपनी में काम करने वाले कर्मी अपने जॉब को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं.
कर्मचारियों को दी चेतावनी
सेल्स विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सेल्स प्रोडक्टिविटी के साथ-साथ कर्मचारियों की ओवरऑल प्रोडक्टिविटी का आंकलन किया जाएगा. गूगल पहले ही हायरिंग पर रोक को और आगे बढ़ा चुका है. इसके साथ अब इस नई घोषणा ने कर्मचारियों के बीच छंटनी का डर बढ़ गया है.
लंबे समय से रुकी नियुक्ति
जुलाई में गूगल ने कहा था कि वह अपनी भर्तियों को 2 हफ्ते के लिए रोक रही है ताकि कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा कर सके. नियुक्तियों पर इस रोक को पूरे 2022 के लिए बढ़ा दिया है. गूगल के सीईओ सुदंर पिचाई ने कहा था कि यह साफ है कि कंपनी चुनौतियों का सामना कर रही है और आगे भी राह आसान नहीं दिख रही. पिचाई ने कर्मचारियों से कहा था कि जिस प्रकार की आर्थिक परिस्थितियां पैदा हुई हैं उन्हें अपनी उत्पादकता को और बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा कि जितने लोग हमारे पास हैं उसके अनुरुप हमारी उत्पादकता नहीं है और यह एक गहन चिंता का विषय है.
13 फीसदी की वृद्धि
गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट को अप्रैल-जून (दूसरी तिमाही) तिमाही में उम्मीद से कम आय और राजस्व प्राप्त हुए है. तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में केवल 13 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 62 फीसदी थी. हालांकि, केवल गूगल ही नहीं है जो आय व राजस्व में कमी का सामना कर रही है. लिंक्डिन, मेटा, फेसबुक की पेरेंट , ओरेकल , ट्विटर , एनविडिया , स्नैपचैट , ऊबर , स्पॉटिफाई , इंटेल व माइक्रोसॉफ्ट सहित तमाम ऐसी टेक कंपनियां हैं जो दबाव का सामना कर रही हैं.