दिल्ली में अब जल्द ही सड़कों पर दौड़ने लगेंगी प्रीमियम बसें, मोबाइल ऐप-वेबसाइट से बुक होंगे टिकट, खड़े होकर यात्रा करने की नहीं होगी इजाजत, जानिए बस की खास बातें…

दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. इस दिशा में दिल्ली सरकार की ओर से एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. शहर की सड़कों पर 1 जनवरी, 2024 से बीएस-6 मानकों का पालन करने वाली वातानुकूलित सीएनजी या इलेक्ट्रिक प्रीमियम बसों का संचालन करने का फैसला किया गया है. यह सभी बसें सवारी की बुकिंग और डिजिटल पेमेंट करने के लिए वन दिल्ली एप के साथ एकीकृत होंगी. इस संबंध में ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार कर आमजन से रायशुमारी भी की जाएगी.
दिल्ली मोटर व्हीकल लाइसेंसिंग ऑफ एग्रीगेटर्स (प्रीमियम बसें) योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बुधवार को हाईलेवल मीटिंग भी हुई. यह योजना कार का उपयोग करने वालों को प्रीमियम सार्वजनिक परिवहन की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
प्रीमियम बस सेवाओं को बढ़ावा देने से प्रदूषण और इंट्रा-सिटी ट्रिप को कम करने में भी मदद मिलेगी. बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसे सभी लोगों को प्रोत्साहित करना है जो कि हर रोज इंट्रासिटी यात्रा करते हैं. एप-आधारित एग्रीगेटर योजना के तहत सभी आधुनिक सुविधा से लैस बसें चलाएंगे. सभी बसें बीएस-6 मानकों का पालन करने वाली वातानुकूलित सीएनजी या इलेक्ट्रिक होंगी.
इस योजना के तहत 1 जनवरी, 2024 के बाद शामिल होने वाली सभी बसें केवल इलेक्ट्रिक होंगी. सभी बसें केवल बैठने के लिए होंगी, जिसमें एप सपोर्ट, सीसीटीवी और पैनिक बटन आदि की सुविधा होगी. सवारी की बुकिंग और डिजिटल पेमेंट करने के लिए वन दिल्ली एप के साथ एकीकृत होंगी.
प्रीमियम बस सेवाओं को बढ़ावा देकर शहर के अंदर यात्राओं को कम करना है, जिससे दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी. ऐसे यात्री जो सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने की इच्छा रखते हैं और बेहतर सुविधा वाली आरामदायक परिवहन सेवा चाहते है उनके लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगी.
सीएम ने परिवहन विभाग को इस योजना को अमलीजामा पहनाने और उसी के अनुसार पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद ही मसौदा नीति को पब्लिक ओपिनीयन के लिए स्थानांतरित किया जाएगा, जिसे कार्यान्वयन के लिए अधिसूचित किया जाएगा. बैठक में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के साथ संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों भी मौजूद थे.
ये एप-आधारित एग्रीगेटर निजी कारों को चलाने वालों से अपील करने के लिए आधुनिक सुविधा से लैस अगली पीढ़ी की बसें चलाएंगे. हमारा उद्देश्य ऐसे सभी नागरिकों को प्रोत्साहित करना है जो हर रोज इंट्रासिटी ट्रिप करते हैं, ताकि वे अपनी कार की बजाए सार्वजनिक परिवहन के कुशल मोड का चयन कर सकें. इन बसों के टिकट मोबाइल और वेब-आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे. एप पर बसों का किराया और रूट साफ तौर पर दिखाया जाएगा.
इसके अलावा बसों में केवल बैठने की जगह होगी, भीड़भाड़ से बचने के लिए कोई खड़ा यात्री नहीं होगा. लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. एप पर मौजूद पैनिक-बटन का फीचर भी होगा. बस रूट की खोज, सवारी की बुकिंग और डिजिटल भुगतान करने के लिए बसों को वन दिल्ली एप के साथ एकीकृत किया जाएगा.
दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा की इच्छा रखने वाले यात्रियों को उच्च गुणवत्ता, आराम, सुविधा और बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगी। व्यक्तिगत बसों के लिए लाइसेंसधारी के माध्यम से स्टेज कैरिज परमिट जारी किए जाएंगे.
यात्रियों को मिलेगी यह खास सुविधाएं
-प्रत्येक यात्री के बैठने की पर्याप्त जगह होगी (कोई यात्री खड़ा नहीं होगा)
-शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने के लिए एग्रीगेटर
– मोबाइल एप्लिकेशन और वेब-आधारित एप्लिकेशन पर पैनिक बटन अनिवार्य होगा
– यात्रा के दौरान सक्रिय प्रत्येक वाहन में कम से कम 2 सीसीटीवी कैमरे होंगे
– एग्रीगेटर मिनी/मिडी या मानक आकार की बसें चला सकता है
– परिवहन/पुलिस हेल्पलाइन नंबर (42400400) प्रदर्शित होगा
– बसों/मार्गों की खोज, सवारी की बुकिंग और डिजिटल भुगतान करने के लिए बस फ़ीड को वन दिल्ली एप के साथ जोड़ा जाएगा