सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भोला यादव लालू परिवार के हर भ्रष्टाचार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल रहे हैं.

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने भोला यादव की गिरफ्तारी को लेकर कई बातें कहीं. बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बयान जारी कर कहा कि लालू परिवार की 40 से ज्यादा संपत्ति की खरीद-फरोख्त में भोला यादव ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किया है. लालू के साथ साए के रूप में रहने वाले भोला यादव लालू परिवार के हर भ्रष्टाचार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल रहे हैं.
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कांति सिंह, रघुनाथ झा द्वारा तेजस्वी, तेज प्रताप यादव को गिफ्ट में दिया मकान हो या लालू परिवार की अधिकांश जमीन के दस्तावेजों में भोला यादव ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किया है. रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले मामले में रेलवे के कोचिंग कॉम्प्लेक्स स्टोर, राजेंद्र नगर में खलासी का काम करने वाले हृदयानंद चौधरी ने पटना शहर की 70 लाख की 7.6 डिसमिल जमीन लालू प्रसाद की 5वीं बेटी हेमा यादव को दान कर दी.
रेल खलासी ने लालू की बेटी को दी 70 लाख की जमीन
दरअसल सीबीआई को लालू प्रसाद यादव, भोला यादव और हृदयानंद चौधरी के ठिकानों पर गिरफ्तारी के बाद जो कागजात मिले हैं उसके हिसाब से हृदयानंद चौधरी जो रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं उसने पटना शहर का करीब ढ़ाई कट्ठा जमीन अपनी मुंहबोली बहन हेमा यादव को दान में दिया है. हेमा यादव को जो जमीन दान में मिला है उसकी सरकारी कीमत 70 लाख रुपए है. पटना में उस ढ़ाई कट्ठे जमीन की बाजार कीमत क्या होगी जिसकी सरकारी कीमत 70 लाख रुपए है इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. अब सवाल उठ रहा है कि रेलवे के एक खलाली के पास 70 लाख की जमीन कहां से आई. जबकि जमीन उसकी खानदानी संपत्ति भी नहीं है.
सुशील मोदी ने लगाए गंभीर आरोप
इस बात का जवाब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी दे रहे हैं. सुशील मोदी के अनुसार रेल की नौकरी के लिए जमीन के इस खेल में हृदयानंद चौधरी को लालू परिवार ने मोहरा बनाया. सुशील मोदी के अनुसार लालू यादव ने रेल मंत्री रहते 2008 में विष्णुदेव राय नाम के व्यक्ति के पोते पिंटू कुमार को मुंबई में रेलवे की नौकरी दी थी. तब विष्णुदेव राय ने पटना में अपनी जमीन हृदयानंद चौधरी के नाम कर दी थी. इसके कुछ साल बाद हृदयानंद चौधरी ने वह जमीन लालू प्रसाद की पांचवी बेटी हेमा यादव को दान में दी. जमीन देने के लिए हृदयानंद चौधरी ने हेमा यादव को मुंहबोली बहन बताया था. जमीन लेन-देन के इस मामले में भोला यादव गवाह थे.
40 प्रॉपर्टी के गवाह हैं भोला यादव
कहा जाता है कि भोला यादव इस अकेले मामले के गवाह नहीं हैं. बल्कि वह लालू परिवार की 40 से ज्यादा प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में गवाह हैं. वह लालू प्रसाद के रेलमंत्री रहते या बाद में उनके परिवार के नाम पर जितने जमीन, मकान की रजिस्ट्री हुई उन सबों में भोला यादव गवाह हैं.
मंत्री बनाने के लिए भी लिखवाई जमीन
इससे साथ ही सुशील मोदी ने यह भी आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद ने ना केवल रेलवे की नौकरी के बदले जमीन लिए बल्कि बिहार सरकार में मंत्री बनाने के लिए भी उन्होंने जमीन लिखवाई थी. उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी की सरकार में मंत्री रहने वाली कांति सिंह और रघुनाथ झा ने तेजस्वी तेजप्रताप को जमीन गिफ्ट दी है.