प्राप्त जानकारी के अनुसार चिश्ती अजमेर से फरार होने के बाद उदयपुर पहुंचा था. वहां उसने ई बैंकिग के जरिए एक बड़ा बैंकिगं ट्रांजेक्शन किया था.

कन्हैयालाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. अजमेर कनेक्शन सामने आने के बाद एक शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. दूसरी तरफ एनआईए और राजस्थान एटीएस उदयपुर हत्याकांड के तार अजमेर से जुड़ते और और इसमें गौर चिश्ती की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. चिश्ती की गिरफ्तारी के लिए भी अजमेर पुलिस छापेमारी कर रही है. एटीएस ने पाकिस्तान के 18 नंबर के भारत में 300 लोगों से लिंक की जांच के लिए पत्र लिखा है. अजमेर में पुलिस ने आज फ्लैग मार्च किया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. सुरक्षा कड़ी करने के पीछे पहली वजह उदयपुर हत्याकांड के तार अजमेर से जुड़ना और खादिम गौहर चिश्ती कि इस हत्याकांड में भूमिका का शक होना है.
दूसरी वजह है कि रविवार को बकरीद है. अजमेर में जिस तरीके से सलमान चिश्ती के वीडियो के बाद माहौल उत्तेजनापूर्ण है. उसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी लर दी गई है. दरअसल जांच एजेंसियों इनपुट मिले हैं कि 17 जून को अजमेर में भड़काऊ नारेबाजी करने वाले गौहर चिश्ती का कन्हैयालाल हत्याकांड में लिंक हो सकता है.
सूत्रों के अनुसार चिश्ती ने उदयपुर में कन्हैया लाल के हत्यारे रियाज और गौस मौहम्मद से भी मुलाकात की थी, वहां से गौहर सीधा जयपुर पहुंचा था. सूत्रों का दावा किया कि जयपुर से फ्लाइट के माध्यम से वह हैदराबाद पहुंचा था. उन्होंने बताया हैदराबाद एयरपोर्ट पर चिश्ती को अमानुल्लाह उर्फ मुनव्वर ने रिसीव किया था. पुलिस ने बताया कि गौहर हैदराबाद के पीली खान इलाके में वेश बदलकर छुपा हुआ था. सूत्रों की मानें तो NIA की टीम आज गौहर को ट्रांजिट वारंट के जरिए अपने कब्जे में ले सकती है.
अजमेर कोर्ट में किया जाएगा पेश
राजस्थान पुलिस ने विवादित नारा ‘सर से तन जुदा’ देने वाले गौहर चिश्ती और उसके दोस्त मुन्नावर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया और शुक्रवार तड़के दोनों आरोपियों को लेकर अजमेर पहुंची. दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा. सुरक्षा कारणों से आरोपियों को दरगाह थाने की जगह क्रिश्चियन गंज थाने ले जाया गया। वहीं दरगाह थानाध्यक्ष दलबीर सिंह फौजदार ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की. मामला दर्ज होने के बाद से गौहर चिश्ती फरार हो गया था. वह हैदराबाद में अपने पुराने दोस्त मुन्नावर के घर जाकर छिपा था. पुलिस ने मुन्नावर को भी आरोपी को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि नूपुर शर्मा मामले में गौहर चिश्ती ने ‘सर से तन जुदा’ विवादित बयान दिया था. 17 जून को चिश्ती ने अजमेर की दरगाह के बाहर खड़े होकर यह विवादित नारा लगाया था. इसके बाद वह फरार हो गया। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है. 23 जून को अजमेर में चिश्ती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. कुछ दिनों बाद 28 जून को उदयपुर में कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. चिश्ती की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सात टीमों का गठन किया, जो पूरे देश में उसकी तलाश कर रही थी.