अमरनाथ गुफा के पास बादल के फटने से 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 65 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. इसके अलावा 41 लोग लापता बताये जा रहे हैं जिसको लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

पवित्र अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को आई बाढ़ की वजह से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इनके शव बरामद किये जा चुके हैं। जबकि लापता 41 लोगों का अभी भी कोई खोज-खबर नहीं है। सुरक्षाबलों के जवान अभी भी बचाव कार्य में जुटे हैं। शनिवार को सारे शवों को बालटाल भेज दिया गया। बीएसएफ एमआई 17 हेलिकॉप्टर को आगे के इलाज या शवों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए लगाया गया है। रविवार सुबह से बचाव कार्य को फिर से शुरू किया गया है.अमरनाथ गुफा के पास हुए हादसे के लिए बादल फटने को जिम्मेदार बताया जा रहा। लेकिन मौसम विभाग ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ज्यादा बारिश की वजह से बाढ़ आई। जब बाढ़ आई तो उस समय वहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशालयों ने अपने कर्मचारियों की छुट्यिां रद्द की
बताया जा रहा है कि, घटना के बाद पहलगाम और बालतल दोनों स्थानों से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है. बादल फटने की घटना को देखते हुए कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशालयों ने अपने कर्मचारियों की छुट्यिां रद्द कर दी हैं और कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, सभी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने फोन चालू रखें.
बादल फटने से नहीं हुई घटना- आईएमडी
बादल फटने की घटना पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अमरनाथ की बाढ़ अत्यधिक स्थानीयकृत बारिश की घटना के कारण हो सकती है, बादल फटने के चलते नहीं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को शाम 4.30 बजे से शाम 6.30 बजे के बीच मंदिर में 31 मिमी बारिश दर्ज की गई जो कि बादल फटने की श्रेणी में आने के लिए काफी कम है.
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया, “अमरनाथ गुफा मंदिर के पास पहाड़ों के ऊंचे इलाकों में बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ सकती है.” आईएमडी के अनुसार, एक बारिश की घटना को बादल फटने के रूप में वर्गीकृत किया जाता है यदि एक मौसम स्टेशन एक घंटे में 100 मिमी बारिश होती है.
आज या कल शुरु हो सकती है अमरनाथ यात्रा
NDRF, SDRF, CRPF आर्मी सहित कई टीमें राहत कार्य में लगी हुई हैं. मलबे में खोजबीन की जा रही है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी उपकरणों को लेकर जाना हमेशा से चुनौती रहती है. फिलहाल आज के लिए यात्रा रोकी गई है मौसम ठीक होने पर कल या परसों से यात्रा शुरू होगी.