ऑल्ट न्यूज़ मोहम्मद जुबैर ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. याचिका में जुबैर की ओर से कहा गया था कि उन्हें इंटरनेट पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है. याचिका में जुबैर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने एक ट्वीट के लिए दर्ज FIR को रद्द करने से मना कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को उनके खिलाफ यूपी के सीतापुर में दर्ज मामले में अंतरिम जमानत दी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली जुबैर की याचिका पर यूपी पुलिस को नोटिस भी जारी किया गया है. खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने जुबैर को 5 दिनों के लिए अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी कि वह मामले से संबंधित मुद्दे पर कोई नया ट्वीट नहीं करेंगे और सीतापुर मजिस्ट्रेट की अदालत के अधिकार क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे.
जुबैर की ओर से दी गई ये दलील
मोहम्मद जुबैर के वकील दायर याचिका में कहा कि वो ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर हैं. उनका काम न्यूज को चेक करना और हेट स्पीच वाले भाषण की पहचान करना है. उन्होंने कहा जुबैर के खिलाफ दायर FIR को देखें तो उसमें कोई अपराध नहीं किया गया है. जुबैर की जान को खतरा है, क्योंकि उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है. इसलिए कोर्ट से गुजारिश है कि इस केस को जल्द से जल्द लिस्ट किया जाए.
आपको बता दें, पिछले महीने 27 तारीख को मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया गया था। जुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप था। दिल्ली पुलिस ने 2018 के कथित रूप से जुबैर को एक आपत्तिजनक ट्वीट से दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आईपीसी की धारा 153/295ए के तहत जुबैर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद देर रात एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष जुबैर को पेश किया गया था। जहां से उन्हें एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया। बाद में दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने जुबैर की पुलिस हिरासत की अवधि को बढ़ाते हुए चार दिन कर दिया था। अदालत ने कहा था कि पुलिस को आरोपी का फोन और लैपटॉप के बेंगलुरु घर से बरामद करना है।