मंत्रालय ने कहा है कि 50 साल या उससे अधिक आयु की महिला एवं ट्रांसजेंडर बंदियों, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष कैदियों, 70 प्रतिशत या उससे अधिक अक्षमता वाले दिव्यांगों को स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के तहत चलाई जा रही योजना के तहत रिहा किया जा सकता है.

आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार जेलो में बंद कैदियों के लिए भी एक राहत वाली योजना लेकर आई है. अमृत महोत्सव समारोह के तहत केंद्र कैदियों के लिए विशेष छूट योजना शुरू करने जा रही है. इसके तहत केंद्र सरकार कुल तीन चरणों में विशेष श्रेणी के कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है.
इस विशेष छूट योजना के संबंध में गृह मंत्रालय ने कुछ श्रेणियों के केदियों को विशेष छूट देने और उन्हें रिहा करने का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत इस साल 15 अगस्त, इसके बाद अगले साल गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2023 को और फिर 15 अगस्त 2023 को कुछ श्रेणियों के कैदियों को रिहा किया जाएगा.
सजा काट रहे इन कैदियों को मिलेगी राहत
कैदियों को रिहा करने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र भी लिखा है. केंद्र के इस प्रस्ताव के मुताबिक अपनी 50 प्रतिशत या फिर उससे अधिक सजा काट चुके कैदियों को रिहा किया जा सकता है. 60 साल से अधिक उम्र के वे कैदी जिन्होंने 50 प्रतिशत सजा काट ली है वह भी छोड़े जाएंगे.
छूट उन विशेष श्रेणी के कैदियों को दी जाएगी जिन्होंने अपनी सजा के दौरान जेल में अच्छा बर्ताव किया है और जिन कैदियों को पिछले तीन साल में किसी भी तरह का दंड सजा के दौरान नहीं मिला है.
इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 10 जून को सभी राज्यों को एक पत्र लिखा जिसमें कहा गया कि जैसा कि आप जानते हैं, भारत सरकार ने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ को कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. समारोह के हिस्से के रूप में, कुछ कैदियों को विशेष छूट देने का प्रस्ताव है. कैदियों की श्रेणियां और उन्हें तीन चरणों में रिहा करें,” इस संबंध में एमएचए आदेश पढ़ें.
गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा पत्र
केंद्रीय गृहमंत्री ने 21 अप्रैल को सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाए. इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की ओर से भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पत्र लिखकर इस सबंध में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था.
कैदियों को रिहा करने के संबंध में जारी आदेश में बताया गया है कि विशेष छूट योजना के लिए पात्र कैदियों की लिस्ट तैयार करने के लिए प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने और प्रक्रिया होने वाले सभी चरणों की स्थिति जानने लिए ई प्रिजन सॉफ्टेवेयर में एक नया मॉड्यूल विशेष छूट जोड़ा गया है.