आरबीआई रेपो रेट खुदरा महंगाई अप्रैल माह में लगातार 7वें महीने बढ़कर 8 साल के उच्च स्तर 7.79 फीसदी पर पहुंच गई।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करते हुए बताया, मॉनिटरिंग पॉलिसी कमेटी ने सर्वसम्मति से 50 बीपीएस पर पॉलिसी रेपो रेट को बढ़ाकर 4.90 प्रतिशत करने के लिए मतदान किया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, स्टैंडिग डिपोजिट फैसिलिटी को 4.65 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी और बैंक रेट को 5.15 प्रतिशत तक एडजस्ट किया गया है।
जीडीपी ग्रोथ 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान
31 मई को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी प्रोविजनल अनुमानों के अनुसार, 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2021-22 में रियल जीडीपी का स्तर महामारी से पहले यानी 2019-20 के स्तर से अधिक हुआ है। 2022 में सामान्य मानसून और भारत में कच्चे तेल की औसत कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के मुताबिक, अब 2022-23 में मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत होने का अनुमान है।
महंगाई पर काबू करना सबसे बड़ी चुनौती
गौरतलब है कि खुदरा महंगाई अप्रैल माह में लगातार 7वें महीने बढ़कर 8 साल के उच्च स्तर 7.79 फीसदी पर पहुंच गई। दरअसल यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण ईंधन सहित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि है। थोक कीमतों पर आधारित महंगाई पिछले 13 महीने से दहाई अंक में बनी हुई है और अप्रैल में रिकॉर्ड ऊंचाई 15.08 फीसदी पर पहुंच गई।