विस्तारा एयरलाइंस टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस उद्यम में सिंगापुर एयरलाइंस की 49 प्रतिशत और टाटा समूह की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टाटा समूह की अब एयर इंडिया में 100% हिस्सेदारी है।

सिंगापुर एंटी-ट्रस्ट रेगुलेटर ने टाटा समूह पर हस्ताक्षर किए और एयर इंडिया डील पर सवाल उठाए गए हैं। सिंगापुर के प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग ने कहा कि इस सौदे के कारण, तीन संबंधित एयरलाइंस दिल्ली-सिंगापुर और मुंबई-सिंगापुर मार्गों पर ओवरलैप कर रही हैं। इसके अलावा कार्गो रूट भी ओवरलैपिंग कर रहे हैं। विस्तारा एयरलाइंस टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस उद्यम में सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि टाटा समूह की 51 फीसदी हिस्सेदारी है। टाटा समूह की अब एयर इंडिया में 100% हिस्सेदारी है। इन तीनों एयरलाइनों की भारत-सिंगापुर मार्ग पर बहुत मजबूत उपस्थिति है। सिंगापुर एंटी-ट्रस्ट रेगुलेटर इस सौदे के बाद अन्य एयरलाइनों से प्रतिस्पर्धा प्रभाव का गंभीरता से मूल्यांकन कर रहा है।
टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया टैलेस नाम की एक सहायक कंपनी बनाई इस कंपनी ने 18300 करोड़ में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया है। चूंकि टाटा समूह की विस्तारा एयरलाइन में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए जनवरी 2022 में टाटा टेल्स की ओर से सिंगापुर प्रतिस्पर्धा आयोग के समक्ष एक आवेदन दायर किया गया था। इस आवेदन में टाटा समूह की ओर से पूछा गया था कि क्या एयर इंडिया सौदे के कारण सिंगापुर प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2004 के किसी नियम की अनदेखी की जा रही है। यह अधिनियम किसी भी ऐसे विलय को होने से रोकता है जो प्रतिस्पर्धा को कम करता है।
विस्तारा और एयर इंडिया बनी रहेगी प्रतिस्पर्धी
इससे पहले विस्तार एयरलाइन के सीईओ विनोद कन्नन ने कहा था कि विस्तारा और एयर इंडिया दो अलग-अलग संस्थाएं हैं। हमारे लिए यह एक प्रतिस्पर्धी एयरलाइन की तरह है। विस्तारा हमेशा एयरलाइन एयर इंडिया से एक हाथ की दूरी पर रहेगा। हम वाणिज्यिक और ग्राहक सेवा के मुद्दे पर एक दूसरे के प्रतियोगी के रूप में जारी रहेंगे।
विस्तारा और एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी महज 20 फीसदी
बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन डेटा एनालिटिक्स फर्म ओएजी के निदेशक मयूर पटेल ने कहा कि भारत-सिंगापुर सेक्टर में एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तार एयरलाइंस की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी केवल 20 फीसदी है। ऐसे में यह किसी भी तरह से प्रतिस्पर्धा को कम नहीं करता है। मई के महीने में अकेले इंडिगो की क्षमता हिस्सेदारी 15 फीसदी थी।
सिंगापुर एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी 48 प्रतिशत है
मई के महीने में भारत-सिंगापुर रूट पर सीटों के आधार पर सिंगापुर एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी सबसे ज्यादा थी और यह 48 फीसदी है। स्कूट की 18 फीसदी, इंडिगो की 15 फीसदी, एयर इंडिया की 9 फीसदी और विस्तारा की 6 फीसदी हिस्सेदारी है।