कुतुब मीनार परिसर में भी खुदाई की जा सकती है ऐसा मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है लेकिन संस्कृति विभाग ने इससे इंकार किया है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मीडिया रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा है कि अभी कुतुब मीनार खुदाई का कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा क पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से कुतुब मीनार परिसर में कोई भी खुदाई नहीं की जाएगी। अभी तक इस बारे में हमने कोई भी डिसीजन नहीं लिया है।
कहा जा रहा है था कि कुतुबमीनार के पास स्थित मस्जिद से 15 मीटर की दूरी पर खुदाई की जा सकती है, लेकिन केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने मीडिया रिपोर्टों पर कहा कि – ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्धारा कुतुब
केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने मीडिया रिपोर्टों पर कहा कि – ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्धारा कुतुब मीनार परिसर में खुदाई करने के लिए ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है’ गौर हो कि कुतुबमीनार में 1991 में अंतिम बार खुदाई का काम हुआ था।
साकेत कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी
गौर हो कि कुछ दिनों पहले कुतुबमीनार परिसर में मौजूद कुव्वुतुल इस्लाम मस्जिद में हिंदू देवताओं की पुनर्स्थापना और पूजा-अर्चना का अधिकार मांगने को लेकर साकेत कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, इस मामले पर 24 मई को सुनवाई की जाएगी। गौर हो कि Iconography कला इतिहास की एक शाखा है जो छवियों की सामग्री की पहचान, विवरण और व्याख्या का अध्ययन करती है।
1. कुतुब मीनार नहीं, सन टॉवर
यह कुतुब मीनार नहीं, सन टॉवर है। मेरे पास इस संबंध में बहुत सारे सबूत हैं। शर्मा ने ASI की तरफ से कई बार कुतुब मीनार का सर्वेक्षण किया है।
2. मीनार के टॉवर में 25 इंच का झुकाव
उन्होंने कहा, ‘कुतुब मीनार के टॉवर में 25 इंच का टिल्ट (झुकाव) है, क्योंकि यहां से सूर्य का अध्ययन किया जाता था। इसीलिए 21 जून को सूर्य आकाश में जगह बदल रहा था तब भी कुतुब मीनार की उस जगह पर आधे घंटे तक छाया नहीं पड़ी। यह विज्ञान है और एक पुरातात्विक साक्ष्य भी।’
3. रात में ध्रुव तारा देखा जाता था
शर्मा ने बताया कि लोग दावा करते हैं कि कुतुब मीनार एक स्वतंत्र इमारत है और इसका संबंध करीब की मस्जिद से नहीं है। दरअसल, इसके दरवाजे नॉर्थ फेसिंग हैं, ताकि इससे रात में ध्रुव तारा देखा जा सके।