गंगोत्री,यमुनोत्री,केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा 2022 भी शुरू हो गई। युमोत्री धाम सड़क धंसने से बंद हो गई।

उत्तराखंड में तीन मई को यात्रा शुरू होने के बाद शुक्रवार शाम उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी और रानाचट्टी के बीच सड़क धंसने से एक बार फिर रास्ते को बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि रास्ता बंद होने की वजह से तीन हजार से ज्यादा यात्री वहां फंसे हुए हैं। यात्री यमुनोत्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मार्ग को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता राजेश पंत ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मार्ग को ठीक करने का काम किया जा रहा है। जल्द से जल्द यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया जाएगा।
दिल की गति रुकने से हुईं मौतें
इसी बीच चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यात्रा पर आए छह श्रद्धालुओं की शुक्रवार को हार्टअटैक से मौत हो गई है। अभी तक कम से कम 48 तीर्थयात्रियों की मौत चार धाम तीर्थ स्थलों के रास्ते में हुई है।अधिकारियों ने कहा कि 48 मौतों में से 46 लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने और हृदय संबंधी अन्य समस्याओं के कारण हुई है। शुक्रवार को हुई मौतों में सभी लोगों की उम्र 50 साल से ऊपर थी। सभी की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई थी।
हरिद्वार और ऋषिकेश में 9500 यात्री फंसे
बता दें कि चारधाम यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों के लिए अब ऑफलाइन पंजीकरण को रोक दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के बिना तीर्थ यात्रियों को ऋषिकेश से ऊपर नहीं जाने दिया जा रहा है। ऐसे में ऋषिकेश, हरिद्वार समेत आसपास के इलाकों में ही साढ़े नौ हजार तीर्थयात्री फंस गए हैं। सभी के होटल, धर्मशाला और लॉज में शरण ली हुई है, जिस वजह से ऋषिकेश और हरिद्वार पूरी तरह से पैक हो गए हैं।
ऑफलाइन पंजीकरण की अवधि को घटाया
पर्यटन विभाग ने ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था को और भी सख्त कर दिया है। इस पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि अब ऑफलाइन पंजीकरण सिर्फ एक सप्ताह के अंदर का ही होगा। एक सप्ताह से ज्यादा समय का पंजीकरण नहीं होगा।