ब्रिटेन के नए नियमों के मुताबिक, यूक्रेनी शरणार्थी एक विशेष वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस वीजा के तहत उन्हें ब्रिटेन में तीन साल तक रहने और काम करने की अनुमति होगी.

यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से आम लोगों का जीवन संकट के बीच फंस गया है. ये लोग बेहतर जीवन की तलाश में यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में पहुंचे हैं, लेकिन इसके बाद भी इनकी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हालांकि पोलैंड ने लाखों यूक्रेनी शरणार्थियों का स्वागत किया. लेकिन कुछ लोगों ने ब्रिटेन का भी रुख किया है. लेकिन अब इन्हें अपने फैसले पर दुख हो रहा है, क्योंकि इनके लिए ब्रिटेन पहुंचना किसी बुरे सपने से कम नहीं है. शरणार्थियों का कहना है कि उन्हें ब्रिटेन पहुंचने की प्रक्रिया में कई सारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. इसने ब्रिटेन के आव्रजन केंद्रों पर लंबी लाइनें और बहुत सारी कागजी कार्रवाई शामिल है.
युद्ध के बीच बेहतर जीवन की तलाश में लाखों शरणार्थी ब्रिटेन पहुंचे हैं. उनमें से हजारों ने आव्रजन केंद्रों पर लंबी प्रक्रिया के कारण मानसिक रूप से परेशान होने की शिकायत की. उनमें से कुछ ने यह भी कहा कि वे अस्थायी आवास और फॉर्म के लिए भुगतान कर रहे हैं. रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वह ब्रिटेन में बेहतर जीवन की तलाश में आने वाले 20 हजार शरणार्थियों को वीजा जारी करेगा. इसके बाद युद्ध की मार से बचते हुए इन लोगों ने ब्रिटेन का रुख किया है. यूक्रेनी लोगों के परिवार वर्तमान हालात को लेकर चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं.
कागजी कार्रवाई में बर्बाद हो रहे हैं दिन
बोरिस जॉनसन सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, यूक्रेनी शरणार्थी एक विशेष वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस वीजा के तहत उन्हें ब्रिटेन में तीन साल तक रहने और काम करने की अनुमति होगी. ब्रिटिश सरकार ने जो कहा है उसके विपरीत लोगों ने इसे पीआर स्टंट बताया है. हजारों लोगों ने शिकायत की कि आव्रजन केंद्रों में कागजी कार्रवाई उनके दिन बर्बाद कर रही है. यूक्रेन के एक शरणार्थी किर्के-स्मिथ ने सीएनएन को बताया, वीजा को पूरी तरह से एक करने के लिए एक बेहतर सिस्टम होना चाहिए था. अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर इंसान को शरण लेने का अधिकार है.
डोनबास पर फोकस कर रही रूसी सेना
वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को एक महीने से अधिक का वक्त हो चला है. अभी तक दोनों पक्षों के बीच शांति होती हुई नजर नहीं आ रही है. रूसी बल यूक्रेन में जारी युद्ध में अब अपना ध्यान राजधानी कीव से हटाते हुए प्रतीत हो रहे हैं. इसके बजाय उनका ध्यान यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में स्थित डोनबास औद्योगिक क्षेत्र को मुक्त कराने पर है. अधिकारियों ने कहा कि यह युद्ध के नए चरण की शुरुआत हो सकती है. अभी यह बताना जल्दबाजी होगी कि इसके क्या परिणाम होंगे. सवाल उठ रहा है कि क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध से बाहर निकलने के रास्ते की तलाश में अपनी महत्वाकांक्षाओं को कम कर दिया है?