मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ घंटे के दौरान इसके और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। एक बार चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद श्रीलंका के सुझाव के अनुसार मौसम प्रणाली का नाम आसनी’ रखा गया है।

चक्रवाती तूफान ‘आसनी’ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। कुछ ही देर में ये दस्तक दे सकता है। अंडमान समेत कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना गहरा दबाव आज चक्रवाती तूफान में बदल सकता है कल यानी बुधवार को म्यांमार के थांडवे तट को पार कर सकता है। इससे पहले सोमवार को ये उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक दबाव से गहरे दबाव में बदल गया था और 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा था।
आईएमडी ने सोमवार को रात साढ़े आठ बजे जारी बुलेटिन में कहा कि अगले 12 घंटे के दौरान इसके और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. एक बार चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद श्रीलंका के सुझाव के अनुसार मौसम प्रणाली का नाम ‘आसनी’ रखा जाएगा. आईएमडी ने कहा कि ये अंडमान द्वीप समूह से लगभग उत्तर की ओर बढ़ता रहेगा और 23 मार्च तड़के के दौरान थांडवे (म्यांमार) के आसपास 18 डिग्री उत्तर और 19 डिग्री उत्तर अक्षांश के बीच म्यांमार तट को पार करेगा.
एनडीआरएफ के करीब 150 कर्मियों को किया गया तैनात
अधिकारियों ने बताया कि निचले और बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निकाल लिया गया है और उन्हें उत्तर तथा मध्य अंडमान और दक्षिण अंडमान जिलों में अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है. उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण अंतरद्वीपीय नौका सेवाओं को रोक दिया गया है और सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. एनडीआरएफ के करीब 150 कर्मियों को तैनात किया गया है और द्वीप के विभिन्न हिस्सों में छह राहत शिविर खोले गए हैं. लॉन्ग आइलैंड पर सुबह साढ़े आठ बजे तक 131 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि पोर्ट ब्लेयर में 26.1 मिलीमीटर बारिश हुई.
केंद्र शासित प्रदेश के सभी तीनों जिलों में नियंत्रण कक्षों को भी खोला गया है. मौसम कार्यालय ने अगले दो दिनों तक सभी पर्यटन और मत्स्य पालन गतिविधियों को निलंबित करने की सलाह दी है. मछुआरों को सोमवार को दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी और सोमवार तथा मंगलवार को अंडमान सागर में न उतरने की सलाह दी गई है.