हाइपरसोनिक मिसाइल एडवांस किस्म के हथियार हैं. जो ध्वनि की गति से भी पांच गुना ज्यादा स्पीड में चल सकती है. यह मिसाइल दुश्मन के ठिकाने को तबाह करने के लिए होती है, जानिए इसकी खूबियां और कब होता है इसका इस्तेमाल.

रूस-यूक्रेन की जंग 25वें दिन भी जारी है. जंग के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पहली बार रूस ने यूक्रेन को तबाह करने के लिए हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रयोग किया है. इसका नाम है किंझल. रूस ने दावा किया है कि उसने हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल का इस्तेमाल यूक्रेन के मिसाइल और हवाई उपकरण को तबाह करने के लिए किया है. ऐसा पहली बार है जब दुनिया में जंग के लिए इस एडवांस तरह की मिसाइल का प्रयोग किया गया है. रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव का कहना है कि हाइपरसोनिक मिसाइल यूक्रेन के पश्चिम में स्थित इवानो फ्रेंक्विस्क क्षेत्र में दागी गई। जिससे यूक्रेन को काफी नुकसान हुआ है.
क्या होती हैं हाइपरसोनिक मिसाइल्स, रूस की ओर से दागी गई ऐसी ही एक मिसाइल ‘किंझल’ कितनी खास है और इसकी खूबियां क्या हैं, जानिए इन सवालों के जवाब…
आसान भाषा में समझें तो हाइपरसोनिक मिसाइल एडवांस किस्म के हथियार हैं, जो ध्वनि की गति से भी पांच गुना ज्यादा गति में चलती हैं. यह मिसाइल दुश्मन के ठिकाने को तबाह करने के लिए इतनी तेज गति से चलती हैं कि इन्हें ट्रैक कर पाना और रोक पाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए इसकी गिनती सबसे घातक हथियारों में होती है.
सिर्फ रूस ही नहीं, ऐसी हाइपरसोनिक मिसाइल दुनिया के कई देशों के पास हैं. इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और चीन भी शामिल हैं. वर्तमान में कोरिया ऐसी ही एडवांस और खतरनाक मिसाइल को तैयार करने में जुटा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोरिया ऐसी मिसाइल तैयार करना चाहता है जो जमीन से अंतरिक्ष तक मार करने में सक्षम हो.
कितनी खास है कि यह हाइपरसोनिक मिसाइल ‘किंझल’?
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने जिस हाइपरसोनिक मिसाइल ‘किंझल’ से हमला किया है, वो काफी एडवांस है. इसे डैगर भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है खंजर. रूस ने पहली बार इस खास तरह की मिसाइल को 2018 में पेश करके सबको चौंकाया था. रूस ने 1941-45 में जीते ग्रेट पैट्रियॉटिक वॉर के 73वें वर्षगांठ पर विक्ट्री डे मिलिट्री परेड में इसे पेश किया था. रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस मिसाइल की तैनाती अपने MiG-31K लड़ाकू विमान में की है. रूसी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाइपरसोनिक मिसाइल ‘किंझल’ हवा से जमीन पर मार करती है. यह 2000 किलोमीटर की रेंज तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने के लिए पर्याप्त है.
रूस के पास हथियारों की कमी नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ किंझल ही नहीं, रूस में एक और एडवांस हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार की गई है. इसका नाम एवनगार्ड है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर का कहना है, यह न्यूक्लियर पावर हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि से 20 गुना तेज गति रवाना की जा सकती है. यह दुश्मन के मिसाइल सिस्टम को भी तबाह कर सकती है.