यूपी विधान परिषद चुनावों में बीजेपी ने आजमगढ़ मऊ सीट के लिए अरुण कांत यादव को प्रत्याशी बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सीट के लिए बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. आजमगढ़ मऊ विधान परिषद सीट के लिए अरुण कांत यादव को प्रत्याशी बनाया गया है. बता दें कि अरुण कांत यादव फूलपुर पवई से समाजवादी पार्टी के विधायक रमाकांत यादव के पुत्र हैं. अरुण यादव पहली बार 2007 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर फूलपुर सीट से विधायक चुने गए.
साल 2009 में रमाकांत यादव बीजेपी के टिकट पर आजमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. रमाकांत यादव के बीजेपी में जाने के कारण समाजवादी पार्टी ने 2012 में अरुण कांत यादव को टिकट नहीं देकर श्याम बहादुर यादव को प्रत्याशी बनाया और वह विधायक चुने गए.
बताते चलें कि 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अरुण कांत यादव को अपना प्रत्याशी बनाया और वो इस सीट से बीजेपी के विधायक चुने गए. आजमगढ़ की 10 विधानसभा सीटों में से सिर्फ इसी सीट पर बीजेपी ने अरुण कांत यादव के रूप में जीत दर्ज की, लेकिन इसी बीच 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अरुण कांत यादव के पिता रामाकांत यादव ने समाजवादी पार्टी में वापसी कर ली जबकि अरुण कांत यादव बीजेपी में बने रहे.
प्रत्याशी घोषित होने के बाद कही यह बात
प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अरुण कांत यादव ने एबीपी गंगा से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी ने जितने भी प्रत्याशी खड़े किए हैं उन सब में मेरा चुनाव सबसे अलग होगा. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि मुझे हर समाज, हर वर्ग और हर धर्म के लोगों का वोट मिलेगा और निश्चित रूप से यह बात आपको चुनाव के दौरान देखने को मिलेगी और मतगणना के बाद साफ हो जाएगी कि मुझे किस तरह से मतदाताओं ने प्यार दिया.
पिता-पुत्र एक लेकिन विचारधारा अलग
वहीं दूसरी ओर पिता के समाजवादी पार्टी के विधायक होने और उनके द्वारा सपा के लिए वोट मांगे जाने के सवाल पर अरुण कांत यादव ने साफ किया कि हम दोनों अलग-अलग विचारधारा के लिए काम कर रहे हैं. दोनों में वैचारिक मतभेद है लेकिन हम एक दूसरे से अलग नहीं हैं.
अरुण कांत यादव ने कहा कि मैं सरकार और जनता के बीच एक पुल की तरह काम करूंगा जिससे कि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया जा सके और जनता की समस्याओं से सरकार को अवगत कराया जा सके.
पिता-पुत्र एक ही सीट से लड़ने वाले थे चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा तेज रही कि अरुण कांत यादव बीजपी के टिकट पर और पिता रमाकांत यादव समाजवादी पार्टी के टिकट पर फूलपुर पवई से चुनाव लड़ सकते हैं. चर्चा होती रही कि पिता-पुत्र आमने-सामने चुनाव लड़ने को तैयार भी थे. इसी बीच समाजवादी पार्टी ने रमाकांत यादव को फूलपुर पवई विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. रमाकांत यादव के प्रत्याशी घोषित होने के बाद बीजेपी ने जिले में इकलौते सिटिंग विधायक अरुण कांत यादव का टिकट काट दिया और फूलपुर पवई से रामसूरत राजभर को प्रत्याशी बनाया.