ललित मोदी ने दी बीसीसीआई पर मुकदमा करने की धमकी – आईपीएल मीडिया राइट्स मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बाद आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने बीसीसीआई को फिर से अदालत में ले जाने की धमकी दी है। अब यूके में निर्वासन में, ललित मोदी ने “उन सभी पर मुकदमा करने” की घोषणा की है क्योंकि एचसी ने निर्धारित किया है कि बहुचर्चित सुविधा शुल्क अवैध नहीं था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीएल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला दिया है. यह फैसला बीसीसीआई के लिए झटका है और आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी के लिए राहत भरा है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीसीसीआई-वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया-मल्टी स्क्रीन मीडिया आईपीएल ब्रॉडकास्ट मामले में भारतीय बोर्ड के पक्ष में दिए गए आर्बिट्रल (पंचायती) फैसले को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में काफी गलतियां थीं. साथ ही कोर्ट ने फेसिलिटेशन फीस को अवैध नहीं माना है. यह फैसला 16 मार्च को जारी हुआ. फेसिलिटेशन फीस पर काफी बवाल मचा था और इसके चलते ही ललित मोदी की बीसीसीआई से विदाई हुई थी. वे अब ब्रिटेन में रहते हैं. उन्होंने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि सत्य की जीत हुई है.
यह मामला आईपीएल के शुरुआती सालों में मीडिया राइट्स पर आर्बिट्रेशन के फैसले से जुड़ा हुआ है. बीसीसीआई ने 2009 में वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया के साथ आईपीएल के मीडिया राइट्स का सौदा रद्द कर दिया था. इसके बाद मामला आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में गया था जहां बीसीसीआई के पक्ष में फैसला आया. फिर वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया ने हाईकोर्ट में अपील की.
कोर्ट ने फेसिलिटेशन फीस पर क्या कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस बीपी कोलाबावाला ने फैसला दिया कि वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया ने बीसीसीआई को 1791 करोड़ रुपये ज्यादा कमाने में मदद की और उसने बोर्ड के पक्ष में काम किया. कोर्ट ने 425 करोड़ रुपये की फेसिलिटेशन फीस के बारे में कहा कि इसका जिक्र बीसीसीआई-वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया-मल्टी स्क्रीन मीडिया के समझौते में था. बीसीसीआई का दावा था कि इस बारे में केवल मोदी को ही पता था. कोर्ट ने कहा कि सभी पार्टियों को इस बारे में पूरी जानकारी थी. भारतीय बोर्ड ने पहले कहा था कि फेसिलिटेशन फीस के जरिए उससे जालसाजी की गई और वह 425 करोड़ रुपये का हकदार है.
ललित मोदी बोले- अब ब्रिटेन में सब पर केस करूंगा
ललित मोदी ने फैसले के बारे में क्रिकबज़ से कहा, ‘मैंने अकेले आईपीएल को बनाया. मैं परवाह नहीं करता लेकिन बीसीसीआई ने मुझ पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया. मैंने आर्थिक मंदी को मोदी प्रूफ बना दिया था. मेरे शब्द याद रखिए कि यह भारत से एक ग्लोबल शोपीस होगा. यह पूरी दुनिया में मनोरंजन का बड़ा जरिया होगा. और मैंने मेरे देश के लिए इसे टीवी पर फ्री देखने के लिए ऐसा किया. दुख की बात है कि मेरी बनाई चीज पर जीने वाले लोग मेरी छाया से इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने मेरे बच्चों के टिकट खरीदकर जाने पर भी रोक लगा रखी है. केवल एक सवाल है कि मीडिया क्या कहेगा- भगौड़ा? कोशिश कर लीजिए. अब मैं सब पर ब्रिटेन में केस करूंगा. फिर मजे देखिएगा.’
मामला क्या है
वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप ने 2008 में 10 साल के लिए भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर के मार्केट के लिए आईपीएल मीडिया राइट्स लिए. लेकिन बीसीसीआई ने 2009 में यह सौदा रद्द कर दिया. उसने यह फैसला वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (मॉरिशस) और मल्टी स्क्रीन मीडिया सेटेलाइट (सिंगापुर) के बीच कथित तौर पर वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप के भारतीय उपमहाद्वीप के कॉन्ट्रेक्ट से दूर रहने के समझौते का पता लगने के बाद लिया. बीसीसीआई की तरफ से कहा गया है कि 2009 के सभी समझौतों में जालसाजी देखने को मिली. इस वजह से उसने मीडिया राइट्स हटाए. वहीं वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप ने कहा कि उसके समझौतों के चलते बीसीसीआई को 1791 करोड़ रुपये का फायदा हुआ.