ब्रिटेन और कई अन्य यूरोपीय देशों में एक ही दिन में 6 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसकी वजह से कोरोना मामलों के एक्सपर्ट्स ‘चौथी लहर’ की आशंका जताने लगे हैं.

पिछले कुछ दिनों में कोरोना के ‘जन्मदाता’ चीन और यूरोपीय देशों में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं. ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट बीए.2 की वजह से दक्षिण कोरिया में कोरोना के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है. वहीं, ब्रिटेन और कई अन्य यूरोपीय देशों में भी एक ही दिन में 6 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. इसकी वजह से कोरोना मामलों के एक्सपर्ट्स ‘चौथी लहर’ की आशंका जताने लगे हैं. हालांकि, भारत को लेकर एक्सपर्ट्स ऐसा नहीं मानते हैं और उनके मुताबिक, अभी भारत के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दिसंबर 2021 और फरवरी के बीच आई तीसरी लहर के कारण लोगों की इम्युनिटी में बढ़ोतरी देखने को मिली है, साथ ही वैक्सीनेशन का रेट भी बढ़ा है. हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्व राज्य महानिदेशक और राज्य सरकार के तकनीकी सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंखे ने कहा कि हम अपनी तैयारी को कम नहीं कर सकते, क्योंकि दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह भारत में ‘चौथी लहर’ आ सकती है. उन्होंने कहा कि ‘चौथी लहर’ के बारे में केवल एक चीज पता नहीं है कि यह वास्तव में कब होगी और यह कितनी गंभीर होगी. उनके अलावा दिल्ली एम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के प्रोफेसर और कोविड एक्सपर्ट डॉ. युद्धवीर सिंह ने भी कोरोना को लेकर अपनी बात रखी.
‘लोगों को कोरोना को हल्के में नहीं लेना चाहिए’
उन्होंने कहा कि डेल्टा वेरिएंट के बाद लग रहा था कि ये महामारी काबू में आ गई है, लेकिन इसके बाद ओमिक्रॉन वेरिएंट आया, जो दुनियाभर में फैला. अब ये नया वेरिएंट आया है. ऐसे में लोगों को कोरोना को हल्के में नहीं लेना चाहिए. चूंकि कोरोना एक ग्लोबल महामारी है. ऐसे में जब तक पूरी दुनिया में कोरोना के मामले काबू में नहीं आ जाते. तब तक यह नहीं मानें कि कोरोना हमेशा के लिए खत्म हो गया है.