बजट सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मुद्दे पर भी बात करेंगे कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भारत का रुख क्या है.

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है. बजट सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर भी बयान देंगे. वह मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में यूक्रेन में जारी युद्ध और ‘ऑपरेशन गंगा’को लेकर संसद में बयान देंगे. इस दौरान वह इस मुद्दे पर भी बात करेंगे कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस विवाद में भारत का रुख क्या है. रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि उनकी पार्टी बजट सत्र में यूक्रेन से लौटने वाले मेडिकल छात्रों की चिंताओं को उठाएगी.
केंद्र सरकार ने 24 फरवरी को रूस के हमले का सामना कर रहे देश यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों को वहां से निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा की शुरुआत की थी. इस काम में समन्वय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को विभिन्न देशों में भेजा था. इसके तहत केंद्रीय मंत्री कीरेन रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को हंगरी, हरदीप सिंह पुरी को रोमानिया और जनरल वीके सिंह को पोलैंड भेजा गया था. अभी तक भारत ने 80 से अधिक विशेष उड़ानों के माध्यम से यूक्रेन में फंसे लगभग 20,000 लोगों को निकाल लिया है.
भारत ने यूक्रेन से अपने पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी निकाला
ऑपरेशन गंगा के तहत भारत ने बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों को भी यूक्रेन से निकाला है. इस दौरान बसों और ट्रेनों के जरिए भारतीयों को यूक्रेन के पश्चिमी सीमाओं तक लाया गया और वहां से उन्हें विमान से भारत के लिए रवाना किया गया. भारत ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के विभिन्न शहरों से अपने नागरिकों को बाहर निकालने में मदद करने के लिए यूक्रेन, रूस और रेडक्रॉस का आभार व्यक्त किया. विदेश मंत्री ने ट्विटर पर अपने पोस्ट में खास तौर पर यूक्रेन के उत्तर पूर्वी शहर सूमी से भारतीय छात्रों की निकासी का उल्लेख किया जो ‘बेहद चुनौतीपूर्ण’ था.
भारत ने इस तरह जताया आभार
उन्होंने ‘ऑपरेशन गंगा’अभियान के तहत भारतीय नागरिकों को देश वापस लाने में ‘अभूतपूर्व सहयोग’ के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों रोमानिया, हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और माल्दोवा को भी धन्यवाद दिया. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर शुरू किए गए ‘ऑपरेशन गंगा’ ने नेतृत्व और प्रतिबद्धता दोनों को प्रदर्शित किया और इस उद्देश्य की पूर्ति में सहयोग के लिए सभी के प्रति हम आभार प्रकट करते हैं.