शिक्षक अजीत यादव सपा के शहर उत्तरी प्रत्याशी संदीप यादव के साथ मंच पर खुलेआम मुख्यमंत्री के लिए कर रहा था अपशब्दों का प्रयोग।

विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार करना एक शिक्षक को महंगा पड़ गया। मतगणना के दूसरे दिन ही उसे निलंबित कर दिया गया है। सरकारी सेवा में रहते हुए शिक्षक को राजनैतिक दल के लिए जनसंपर्क, जनसभा एवं प्रचार प्रसार में सक्रिय रूप से भागीदारी करने के लिए दोषी पाया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शिक्षक अजीत यादव बहरिया के कंपोजिट विद्यालय सराय ख्वाजा में तैनात था। संवैधानिक पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कर रहा था। उसकी जांच के लिए टीम भी गठित कर दी गई है।
नेताओं के साथ मंच पर भी मौजूद रहता था शिक्षक
बीएसए ने बताया कि शिक्षक अजीत यादव नेताओं के साथ मंच पर भी मौजूद रहता था और प्रचार प्रसार करता था। उसका वीडियो भी वायरल हुआ। शहर उत्तरी के सपा प्रत्याशी संदीप यादव के साथ वह मंच पर संबोधित कर रहा था। मंच से अजीत यादव ने कहा था कि मुख्यमंत्री और गोरखपुर में घंटा बजाने वाला बाबा को 10 मार्च को भगाना होगा। मुख्यमंत्री से लंगोट को जोड़ते हुए भी उसने अपना संबोधन किया था।
वह पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही करने व अध्यापक आचरण सेवा नियमावली के खिलाफ कार्य करने का दोषी पाया गया है। अब उसे जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि का भुगतान तभी किया जाएगा जब वह इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा कि वह किसी सेवायोजन, व्यापारवृत्ति या किसी व्यवसाय में नहीं लगा है। निलंबन अवधि में वह प्रतिदिन ब्लाक संसाधन केंद्र कौड़िहार में उपस्थिति देगा। पूरे प्रकरण की जांच कौड़िहार के खंड शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश मिश्रा द्वारा किया जाएगा।
यह वीडियो वायरल होने के बाद अजीत यादव के खिलाफ लगातार कार्रवाई की माँग हो रही थी। प्रयागराज पुलिस ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए थाना जॉर्जटाउन को अजीत यादव के विरुद्ध जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।