
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच शनिवार 12 मार्च से बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुरू हो रहा है. ये एक डे-नाइट मुकाबला है. यानी मैच में लाल की जगह गुलाबी गेंद का इस्तेमाल होगा. भारत और श्रीलंका को डे-नाइट टेस्ट का कम ही अनुभव है. फिर भी भारत की दावेदारी मजबूत है, जबकि श्रीलंका को कमजोर ही आंका जा रहा है. लेकिन टीम इंडिया के सामने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल की चुनौती है, जो गुलाबी गेंद से कमाल का प्रदर्शन करते रहे हैं.
श्रीलंका के सबसे अनुभवी गेंदबाज सुरंगा लकमल पिंक बॉल से अपनी टीम के सबसे बेहतरीन और घातक गेंदबाज हैं. लकमल ने अभी तक 3 डे-नाइट टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 5 पारियों में गेंदबाजी की है और कभी खाली हाथ नहीं लौटे हैं. उन्होंने 17.5 की बेहतरीन औसत से सबसे ज्यादा 13 विकेट झटके हैं.
लकमल की गेंदबाजी का शिकार ऑस्ट्रेलियाई टीम भी हो चुकी है. इस श्रीलंकाई पेसर ने 3 साल पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन टेस्ट में एक पारी में 5 विकेट झटके थे. भारत के खिलाफ मोहाली टेस्ट की पहली पारी में भी उनका प्रदर्शन टीम के बाकी गेंदबाजों की तुलना में अच्छा था और 2 विकेट हासिल किए थे.
इत्तेफाक की बात है कि बेंगलुरू डे-नाइट टेस्ट ही सुरंगा लकमल के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच भी होगा. 35 साल के इस गेंदबाज ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद वह संन्यास ले रहे हैं. ऐसे में अपने आखिरी टेस्ट में वह गुलाबी गेंद का कहर बरपाना चाहेंगे.लकमल ने करीब 12 साल के अपने लंबे टेस्ट करियर में 69 मैच खेले हैं, जिसमें उनके खाते में 170 विकेट आए हैं. वह मौजूदा दौर में श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज रहे हैं.