मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश किया है जिसमें शिक्षा संबंधित कई प्रावधान है.

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रही है. मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश किया है. जिसमें शिक्षा संबंधित कई प्रावधान है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश करते हुए बताया कि सिंगरौली में माइनिंग विद्या का इंजीनियरिंग कॉलेज प्रस्तावित किया गया है. जल्द ही सरकारी स्कूलों में वर्चुअल लर्निंग शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे. राज्य में जल्द ही 22 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे जिसके तहत कॉलेजों में सीटें भी बढ़ाई जाएगी इससे स्टूडेंट्स को फायदा होगा. राज्य में शिक्षा को लेकर कई प्रयास किए जाएंगे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मध्यप्रदेश की शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाया जाएगा.
इस बजट 2022-23 में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 27 हजार 792 करोड़ का प्रावधान किया गया है. साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग के लिए वर्ष 2022-23 के लिए 27 हजार 792 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है. सी.एम. राइज योजना के तहत शुरुआत के पहले चरण में 360 स्कूल बनाने का लक्ष्य है. इन स्कूलों को बनाने के लिए 7 हजार करोड़ अधिक लागत अनुमानित हैं. ये स्कूल बहुत ही आधुनिक होंगे जिसमें सभी सुविधाएं मौजूद होगी. हाई/ हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने लिखने की बैठक की व्यवस्था और लेब व्यवस्था के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में उच्च शिक्षा विभाग के लिए 3,513 करोड़ रुपए का प्रावधान है.
डिजिटल स्कूलों में होगी कई सुविधाएं
इन विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं, खेल-कूद तथा ललित कलाओं में प्रशिक्षण की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को स्कूल तक आने-जाने के लिये ट्रांसपोर्ट सुविधा आदि उपलब्ध कराई जायेंगी. इस बजट में 1 हजार 157 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है. शासकीय प्राथमिक शालाओं की स्थापना के लिए 10 हजार 345 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक तथा संविदा शाला शिक्षकों को वेतन/मानदेय हेतु 310 करोड़ का प्रावधान किया गया है. साथ ही शासकीय स्कूल / छात्रावास / पुस्तकालय / हॉस्टल खेलकूद भवनों का निर्माण एवं विस्तार के लिए 253 करोड़ का प्रावधान है.