आज शाम छह बजे छठे चरण के लिए प्रचार थम जाएगा। इस चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चुनावी मैदान में हैं। योगी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने भाजपा के ही दिग्गज नेता रहे उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला को टिकट दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ गोरखपुर शहरी सीट से चुनाव लड़ रहीं सुभावती शुक्ला का भारतीय जनता पार्टी से पुराना नाता है। सुभावती गोरखपुर शहरी सीट से इकलौती महिला प्रत्याशी हैं। एक समय था जब सुभावती के पूरे परिवार का सीएम योगी से गहरा नाता था। आइए जानते हैं कौन हैं सुभावती? क्यों उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा?
सुभावती शुक्ला भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी हैं। उपेंद्र दत्त की साल 2020 में दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गई थी। उपेंद्र सीएम योगी के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाते थे। यही कारण है कि 2017 में जब योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लोकसभा सीट छोड़ी तो इस सीट से उन्होंने उपेंद्र को ही टिकट दिलवाया। हालांकि, उपेंद्र 2018 में हुए उपचुनाव में हार गए। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र का टिकट काटकर भाजपा ने भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन को प्रत्याशी बना दिया था। उपेंद्र जनसंघ के जमाने से ही भाजपा से जुड़े थे। उन्हें संगठन का बड़ा नेता माना जाता था। हालांकि, चुनावी राजनीति में उन्हें सफलता नहीं मिली। तीन बार विधानसभा और एक बार लोकसभा चुनाव लड़े, हर बार उन्हें हार मिली।
सुभावती और उनके पूरे परिवार ने भाजपा क्यों छोड़ दी?
उपेंद्र दत्त शुक्ला का पूरा परिवार अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुका है। उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला, उनके पुत्र अरविंद दत्त शुक्ला और अमित शुक्ला को अखिलेश यादव ने ही पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। बताया जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में फिल्म स्टार रवि किशन को उम्मीदवार बनाए जाने से उपेन्द्र शुक्ला काफी नाराज हुए थे। हालांकि, गोरखपुर पहुंचने पर पहले ही दिन रवि किशन सीधे उपेंद्र दत्त के घर पहुंचे। इसके बाद उपेंद्र दत्त ने उन्हें गले लगाया और उनके साथ जुलूस में शामिल हो गए थे। 2020 में उपेंद्र की मौत हुई उसके बाद से उनके परिवार और भाजपा के बीच अनबन शुरू बढ़ने लगी। उपेंद्र की पत्नी और बेटे ने भाजपा नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाया। बाद में पूरे परिवार ने सपा का दामन थाम लिया।
सीएम योगी और उपेंद्र दत्त के रिश्तों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2018 में एक बार उपेंद्र दत्त बीमार हो गए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम योगी ने खुद उन्हें पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के बाद चार मार्च को वह डिस्चार्ज हुए थे। उपेंद्र दत्त हमेशा मंच से कहते थे कि सीएम योगी आदित्यनाथ ही उनके राजनीतिक संरक्षक हैं।