रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग खतरनाक मोड़ पर आ गई है. जंग खत्म करने के लिए बातचीत की गई थी, जो कि फेल हो गई.

कैबिनेट मंत्रियों को भेजेगी सरकार
निकासी अभियान के लिए यूक्रेन के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू और वीके सिंह.
रूस के प्रति सख्त हुआ दक्षिण कोरिया
सियोल के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि दक्षिण कोरिया ने वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर रूस के खिलाफ निर्यात नियंत्रण को कड़ा करने का फैसला किया है और कुछ रूसी बैंकों को स्विफ्ट अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली से रोकने के लिए पश्चिमी देशों के कदमों में शामिल हो गया है.
कैबिनेट मंत्री को भेजा जा सकता है
सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार के मंत्री को यूक्रेन से भारतीयों को लाने की कवायद के तहत भेजा जा सकता है. यूक्रेन के पड़ोसी मुल्क जहां से भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है, वहां मोदी केबिनेट के मंत्री को भेजा जा सकता है ताकि वहां भारतीयों और भारतीय छात्रों को हो रही दिक्कतों को ऑन स्पॉट दूर किया जा सके.
मेघालय सीएम ने केंद्र को सौंपी लिस्ट
यूक्रेन में रूस द्वारा जारी सैन्य अभियान के बीच, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोमवार को कहा कि उन्होंने यूक्रेन में फंसे राज्य के छात्रों की सूची केंद्र को भेज दी है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है
रेडियोएक्टिव वेस्ट डिस्पोजल साइट पर हमला
संयुक्त राष्ट्र के परमाणु वॉचडॉग का कहना है कि मिसाइलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव में एक रेडियोएक्टिव वेस्ट डिस्पोजल साइट पर हमला किया है. हालांकि इससे इमारतों को नुकसान या रेडियोएक्टिव सामग्री के रिलीज होने के संकेत की खबर नहीं है.
तीन देश मतदान से बाहर रहे
चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात समेत 3 देशों ने मतदान से बाहर रहने का फैसला किया. 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. रूस ने इसके खिलाफ मतदान किया.
हिंसा समाप्त करने पर बोला भारत
हिंसा को समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं. हम दोनों पक्षों द्वारा बेलारूस सीमा पर पक्ष रखने की घोषणा का स्वागत करते हैं. हम यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंतित हैं- यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, टी.एस.तिरुमूर्ति
निकासी प्रयासों पर पड़ा प्रभाव – भारत
सीमा पार से संघर्ष और अनिश्चित स्थितियों से हमारे निकासी प्रयासों पर प्रभाव पड़ा है.यह मानवीय आवश्यकता है जिसे संबोधित किया जाना चाहिए. परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने आज के मतदान से खुद को बाहर रखने का फैसला किया है- संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरुमूर्ति