दुनिया के सबसे बड़े ट्रेड शो-मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस को होस्ट करता है उन्होंने कहा कि जीएसएमए सभी रूसी कंपनियों को एमडब्ल्यूसी में भाग लेने से रोक देगा, जिसमें कैरियर भी शामिल हैं. हालांकि, जीएसएमए के एक स्पोक्सपर्सन ने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया. स्पोक्सपर्सन ने कहा कि कंपनी रूस के खिलाफ इंटरनेशनल बैन में मदद करेगी.

जीएसएमए ,जो दुनिया के सबसे बड़े ट्रेड शो-मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस को होस्ट करता है, ने कहा है कि वह कुछ रूसी कंपनियों को इस आयोजन में भाग लेने से रोक देगा. जीएसएमए ने यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच रूसी कंपनियों की पार्टनरशिप को पार्शियली बैन कर दिया है. मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 28 फरवरी से 3 मार्च, 2022 तक बार्सिलोना में होने वाली है. इस साल, एमडब्ल्यूसी से एडब्ल्यूएस, लेनोवो, सैमसंग, रियलमी, इंटेल और बाकियों सहित 1500 से अधिक पार्टिसिपेंट्स की मेजबानी करने की उम्मीद है. अभी तक कोविड महामारी के कारण एमडब्ल्यूसी ट्रेड शो में दिक्कतें आ रही थीं लेकिन इस बार, इस आयोजन में 2020 और 2021 की तुलना में अधिक टेक कंपनियां शामिल होंगी.
एमडब्ल्यूसी22 में कोई रूसी पवेलियन नहीं होगा
जीएसएमए यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की कड़ी निंदा करता है. स्थिति तेजी से बढ़ रही है और हम समझते हैं कि अलग-अलग सरकारें रूस के खिलाफ बड़े स्तर पर बैन का विचार कर रही हैं. इस उभरती हुई स्थिति में और नुकसान को देखते हुए, एमडब्ल्यूसी इवेंट का इरादा मोबाइल इकोसिस्टम को आगे बढ़ाना है और इसका मतलब है कि लोगों, इंडस्ट्री और समाज की कनेक्टिविटी को इंश्योर कर सकती है. जीएसएमए इस स्थिति के नतीजन सभी सरकारी बैन और पॉलिसी का पालन करता है. एमडब्ल्यूसी22 में कोई रूसी पवेलियन नहीं होगा. जीएसएमए ने एक बयान में कहा, इवेंट के लिए सुरक्षा की लगातार समीक्षा की जाती है और जानकारी सामने आने पर इसे एडजस्ट किया जाता है.
एमडब्ल्यूसी में वापस आकर, कोविड -19 महामारी के कारण इस प्रोग्राम को 2020 में पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था, जबकि टेक शो के 2021 में देरी हुई थी, फिर भी कुछ बड़ी टेक कंपनियों के बाहर निकलने के साथ फुटफॉल बेहद कम था. इन-पर्सन इवेंट और केवल वर्चुअल इवेंट का सहारा लेना. दुनिया भर में कोविड -19 मामलों में काफी कमी आई है. यह एक खास वजह है कि इस साल के एमडब्ल्यूसी में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं. अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो जीएसएमए का कहना है कि यह 183 देशों के 1,800 से अधिक पार्टिसिपेंट्स और मौजूद लोगों के आने की उम्मीद कर रहा है.