पड़ोसी मुल्क नेपाल ने भी अपने देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए UPI को अपनाया है. भारत के बाहर नेपाल पहला देश है जिसने UPI प्लैटफॉर्म को पेमेंट गेटवे के रूप में स्वीकार किया है. भारत में पिछले साल UPI की मदद से 940 अरब डॉलर का ट्रांजैक्शन किया गया

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने गुरुवार को कहा कि नेपाल भारत की यूपीआई सिस्टम को अपनाने वाला पहला देश बन गया है, जिससे पड़ोसी देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी. एनपीसीआई की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने नेपाल में सेवाएं देने के लिए गेटवे पेमेंट्स सर्विस (जीपीएस) और मनम इन्फोटेक के साथ हाथ मिलाया है. जीपीएस नेपाल में अधिकृत भुगतान सिस्टम परिचालक है. मनम इन्फोटेक नेपाल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को लागू करेगी. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एक बयान में कहा कि इस गठजोड़ से नेपाल में लोगों के लिए सुविधा बढ़ेगी और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा. नेपाल, भारत के बाहर पहला देश होगा, जिसने नकद लेनदेन के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने वाले भुगतान मंच के रूप में यूपीआई को अपनाया है. जीपीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश प्रसाद मनंधर ने कहा कि यूपीआई सेवा ने भारत में डिजिटल भुगतान के मामले में अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव डाला है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि यूपीआई नेपाल में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बदलने और कम नकदी वाले समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.’’
2021 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के जरिए 940 बिलियन डॉलर का ट्रांजैक्शन
एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड के सीईओ रितेश शुक्ला ने बयान में कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि यह पहल एनआईपीएल की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर अपनी बेमिसाल पेशकश को बढ़ाने में मददगार होगी.’’ यूपीआई ने 2021 में 940 अरब डॉलर के 3,900 करोड़ वित्तीय लेनदेन को सक्षम किया, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 31 फीसदी के बराबर है.
क्या होता है यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ?
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक बैंकिंग सिस्टम है. इसकी मदद से पेमेंट ऐप पर पैसों के लेन-देन किए जा सकते हैं. यूपीआई की मदद से आप कहीं पर भी, किसी के भी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. यूपीआई की मदद से पेमेंट के अलावा भी कई और काम किए जाते हैं. वर्तमान में आप भीम, फोन पे, गूगल पे, मोबिक्विक, पेटीएम जैसे कई ऐप की मदद से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस का इस्तेमाल कर सकते हैं.मोबाइल से किसी दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस या यूपीआई का इस्तेमाल किया जाता है. यह ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो कई बैंक अकाउंट को एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये रकम ट्रांसफर करने की इजाजत देता है. इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने विकसित किया है. इसका नियंत्रण रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन के हाथ में है.
बिना इंटरनेट वाला यूपीआई लाइट की चल रही तैयारी
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान इस समय यूपीआई लाइट पर काम कर रहा है. यूपीआई लाइट की मदद से बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी पेमेंट किया जा सकता है. इसका फायदा देश के उन ग्रामीण इलाकों के करोड़ों लोगों को होगा, जहां ठीक से इंटरनेट नहीं चल पाता है. यूपीआई लाइट के जरिए कोई भी व्यक्ति फीचर फोन से डिजिटल पेमेंट कर पाएगा.जानकारों के अनुसार यूपीआई लाइट का उपयोग सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपए से कम के पेमेंट्स के लिए होगा. यहां आपको बता दें कि आरबीआई पहले ही 5 जनवरी को बिना इंटरनेट कनेक्शन के 200 रुपए तक के डिजिटल पेमेंट्स की अनुमति दे चुका है.