इस हफ्ते 60 हेलिकॉप्टरों का एक बेड़ा क्रीमिया पहुंचा, जहां 40,000 रूसी सैनिक तैनात किए गए हैं.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रूस-यूक्रेन संकट पर एक बड़ा खुलासा किया है. इसने एक मैप के जरिए बताया है कि रूस आखिर किस तरह से यूक्रेन पर बिना चेतावनी के हमला कर सकता है. सैन्य प्रमुखों ने सात प्रमुख स्थानों को शेयर किया है, जिसका इस्तेमाल क्रेमलिन सेना पहले चरण के तहत यूक्रेन में हमला करने के लिए कर सकती है. जमीनी हमला करने के साथ-साथ रूस के दूसरे चरण के तहत किए जाने वाले हमलों पर भी प्रकाश डाला गया है.
ब्रिटिश सरकार के अनुसार, ओडेसा या विनित्सिया शहरों की यात्रा करने से पहले रूसी सैनिक रूस, बेलारूस या क्रीमिया से यूक्रेन में घुस सकते हैं. अधिकारियों ने आज रात कहा, रूस ने महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी बनाए रखी है, जो बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकता है. मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, मैप दिखाता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कहां से हमला कर सकते हैं. प्रवक्ता ने आगे कहा कि पुतिन अभी भी विवाद को रोकने और शांति कायम करने का विकल्प चुन सकते हैं.
यूक्रेन की ओर बढ़ रहे रूसी सैनिक
व्लादिमीर पुतिन ने जोर देकर कहा है कि रूस की सेना की टैंक यूनिट सीमा से पीछे हट रही है. हालांकि, वरिष्ठ सैन्य सूत्रों का कहना है कि सैनिक अभी भी आगे बढ़ रहे हैं. यूक्रेन की सीमाओं की ओर बढ़ते हुए अतिरिक्त बख्तरबंद वाहनों, हेलीकॉप्टरों और एक फील्ड अस्पताल की कई तस्वीरें सामने आई हैं. ये आकलन MI6, CIA, जासूसी विमानों, सैटेलाइट्स और गुप्त एजेंटों से मिली गुप्त खुफिया जानकारी पर आधारित है. अमेरिका ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा है कि रूस ने यूक्रेन की सीमा पर 1.5 लाख सैनिकों को तैनात किया है और किसी भी वक्त हमले का प्लान बना रहा है.
रूसी अलगाववादियों ने स्कूल पर किया हमला
इस बीच, इस हफ्ते 60 हेलिकॉप्टरों का एक बेड़ा क्रीमिया पहुंचा, जहां 40,000 रूसी सैनिक तैनात किए गए हैं. बेलारूस में सैन्य अभ्यास के लिए पहुंचे 30 हजार सैनिक किसी भी वक्त हमले के लिए तैयार बैठे हैं. सूत्रों का कहना है कि इस बात को मानने की वजह है कि रूसी झूठे हमला करने में जुटे हुए हैं, क्योंकि इससे उनके पास यूक्रेन पर हमला करने का एक बहाना होगा. दूसरी ओर, रूस समर्थित अलगाववादियों ने यूक्रेन के एक नर्सरी स्कूल पर पहले ही हमला कर दिया है, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं. यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन के अनुसार, गुरुवार सुबह डोनबास क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति पर कई गोलाबारी की घटनाएं हुईं.