कोरोना महामारी के बाद दो साल के बाद पहली बार बंगाल के प्राइमरी स्कूल आज से खुला गया. स्कूल खुलने के बाद बच्चों से खुशी की लहर है.

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस महामारी की वजह से करीब दो साल बाद आज बुधवार 16 फरवरी से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल खोल गए हैं. लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर छात्र भी बड़े उत्साह से स्कूल पहुंचे हैं. बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले ही कक्षा आठवीं से कक्षा 12वीं तक के स्कूल खुल गये थे, लेकिन बुधवार को पहली बार प्राथमिक स्कूल खोले गये हैं. हालांकि स्कूलों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का खासा ध्यान रखा गया है. मालूम हो कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सामान्य स्थिति की तरफ कदम बढ़ाते हुए बीते मंगलवार को राज्य में स्कूल खोलने की घोषणा की थी.
इसमें सरकार ने कोविड-19 प्रतिबंधों पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बुधवार से काम करना शुरू कर देंगे. राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी उसी दिन से खुलेंगे. हालांकि, राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों को फिर से खोलने की व्यवस्था के संबंध में एक विस्तृत डिजाइन तैयार करने को कहा. कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के शिक्षा विभाग से स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में सोचने को कहा था.
स्कूल खोले जाने के बाद बच्चों में उत्साह
स्कूल खोले जाने के बाद बच्चों में काफी उत्साह देखा गया है. कोरोना महामारी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में प्राथमिक स्कूल खोले गये हैं. राज्य सरकार ने पाड़ाय शिक्षालय भी बंद कर माध्यमिक स्कूल भी खोल दिया है. आज माध्यमिक स्कूल भी बच्चे स्कूल में पहुंचे. स्कूल के खोले जाने के ऐलान के बाद कल से ही स्कूलों में साफ-सफाई शुरू हो गई थी. मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘उच्च कक्षाएं और कॉलेज खोले गए हैं और अब हमें प्राथमिक वर्गों के उद्घाटन के बारे में सोचने की जरूरत है. हम 50 प्रतिशत छात्रों के साथ कक्षाएं शुरू करने के बारे में भी सोच सकते हैं. हमें स्कूल के अधिकारियों से बात करने की जरूरत है कि क्या वैकल्पिक दिनों में कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं.’