बजट चर्चा पर राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा, इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है, इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है. स्टॉर्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टॉर्टअप आ रहे हैं ऐसा विश्व में कहीं नहीं हुआ.

बजट स्थिरता की बात करता है
राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि अगर हमारे पास भारत की आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर कोई विजन नहीं होगा तो हमें उसी तरह से भुगतना पड़ेगा जैसे हमें 70 सालों में भुगतना पड़ा जिसमें एक परिवार को बनाने, उसका समर्थन करने और उसको फायदा पहुंचाने के अलावा देश में और कोई विजन नहीं था. उन्होंने आगे कहा कि बजट स्थिरता की बात करता है, इस बजट में पिछले साल की कुछ योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है और वो योजनाएं आने वाले 25 सालों में हमारा मार्गदर्शन करेंगी
बजट में तकनीक को प्राथमिकता
राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है, इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है. स्टॉर्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टॉर्टअप आ रहे हैं ऐसा विश्व में कहीं नहीं हुआ.
कृषि सुधार में ड्रोन की अहम भूमिकाः निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में कहा कि भारत की कृषि में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए ड्रोन को एक उपकरण के रूप में बहुत ही प्रभावी रूप से इस्तेमाल में लाया जा सकता है. जब आप ड्रोन लाते हैं, तो इसके कई फायदे होते हैं. ड्रोन के जरिए हम उर्वरकों, कीटनाशकों के उपयोग में दक्षता लाने में सक्षम हुए हैं और फसल घनत्व का एक अच्छा प्रौद्योगिकी-संचालित मूल्यांकन भी कर सकते हैं और संभवतः उत्पादन के आकार की भविष्यवाणी भी कर सकते हैं.
सीपीआई सांसद का स्थगन प्रस्ताव
सीपीआई सांसद जॉन ब्रिटास ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के केरल, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान पर नियम 267 के तहत राज्यसभा में कामकाज को स्थगित करने का नोटिस दिया है.
कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था खराब
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल गुरुवार को कहा कि कोविड-19 महामारी की मार से वित्त वर्ष 2020-21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9.57 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई. सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट पर लोकसभा में चली चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही.
सीतारमण ने कहा कि ‘अमृतकाल’ की तरफ बढ़ने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने कई कदम उठाए हैं. आज जनधन योजना के कारण सभी भारतीय समस्त वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़े हैं और इन खातों में 1.57 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें 55.6 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं.’’ उन्होंने कहा कि देश में 2020-21 में 44 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन वाली इकाइयां) बने जो ‘अमृत काल’ का ही संकेत है.