कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए सभी कक्षाओं और कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. वहीं चंडीगढ़ में 14 फरवरी से हाइब्रिड मोड यानि फिजिकल और वर्चुअल माध्यम से पूरी क्षमता के साथ स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है.

चंडीगढ़ में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात के कर्फ्यू का भी ऐलान किया गया था. अब इसे हटा दिया गया है. वहीं 14 फरवरी से हाइब्रिड मोड में फिर से क्लास शुरू करने की अनुमति दी गई है.कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए सभी कक्षाओं और कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. वहीं चंडीगढ़ में 14 फरवरी से हाइब्रिड मोड यानि फिजिकल और वर्चुअल माध्यम से पूरी क्षमता के साथ स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है. चंडीगढ़ प्रशासन ने इसकी जानकारी दी है.चंडीगढ़ में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात के कर्फ्यू का भी ऐलान किया गया था. जारी आदेश में कहा गया था वर्तमान में सभी शिक्षण और शिक्षण गतिविधियां ऑनलाइन मोड में संचालित की जाएंगी. हालांकि, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज ऑफलाइन मोड में काम करना जारी रखने की अनुमति थी.
ग्रुप सी और डी के संबंध में सरकारी कार्यालय वास्तविक क्षमता की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेंगे. और 50 प्रतिशत को घर से काम करने की आवश्यकता होगी. आवश्यक सेवाओं और विभागों को इसमें छूट दी गई थी. निजी कार्यालयों को भी निर्देश दिया गया था कि वे 50 प्रतिशत कर्मचारियों की क्षमता के साथ काम करें और होम मोड से काम करें.
नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं खोेलने पर जोर
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ऑनलाइन सम्मेलन में घोषणा की कि समिति ने 14 फरवरी से नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं फिर से शुरू करने का भी फैसला किया है. सिसोदिया ने कहा कि जिन शिक्षकों का टीकाकरण नहीं हुआ होगा, उन्हें स्कूलों में आने की अनुमति नहीं होगी. सिसोदिया ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में डीडीएमए ने वाहनों में अकेले यात्रा करने वाले चालकों को मास्क पहनने से छूट दी और 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्यालयों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी है. सिसोदिया ने कहा, ”सात फरवरी से कक्षा 9-12 और नर्सरी से कक्षा आठ के स्कूल 14 फरवरी से फिर से खुलेंगे. कक्षाएं ‘हाइब्रिड मोड’ में जारी रहेंगी.
संक्रमण के मामलों में भी अब रोजाना गिरावट दर्ज की जा रही है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना संक्रमण पर फतेह वैक्सीनेशन से ही हासिल हो सकी है. अगर लोग बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवाने के लिए आगे ना आते तो देश में कुछ और स्थिति हो सकती थी. भारत में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान पर बहुत अधिक जोर दिया जा रहा है और हर दिन लाखों की संख्या में लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है. देशभर में कोरोना वैक्सीन की अब तक 170 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी है.