ऑस्ट्रेलिया 21 फरवरी से पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं खोल रहा है. ये सीमाएं कोरोना वायरस महामारी के कारण मार्च, 2020 से बंद थीं.

ऑस्ट्रेलिया 21 फरवरी से पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं खोल रहा है. इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने सोमवार को दी है. इसी के साथ महामारी के चलते लगाया गया दुनिया का सबसे सख्त और लंबे वक्त तक चलने वाला प्रतिबंध खत्म हो जाएगा. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ बैठक करने के बाद मॉरिसन ने कहा, ‘करीब दो साल हो गए हैं, जब हमने ऑस्ट्रेलिया की सीमाओं को बंद करने का फैसला लिया था.’
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि इस साल की 21 फरवरी से सभी वीजा धारकों के लिए सीमाएं खुलेंगी. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर आपने दोनों वैक्सीन लगवा ली हैं, तो हम फिर से ऑस्ट्रेलिया में आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं.’ ऑस्ट्रेलिया ने वैश्विक कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए मार्च 2020 में अपनी सीमाओं को बंद कर लिया था. तभी से ऑस्ट्रेलिया के लोगों का देश के बाहर जाना प्रतिबंधित है और बहुत कम लोगों को ही देश में प्रवेश करने की छूट मिली है. लोगों ने सरकार के इस कदम की खूब आलोचना भी की है.
विदेश में फंसे रहे तमाम नागरिक
सरकार के इस सख्त नियम के कारण तमाम नागरिक विदेश में फंस गए, कुछ परिवारों से अलग रहने को मजबूर हुए, इससे देश के अरबों डॉलर के पर्यटन उद्योग को धक्का लगा और ऑस्ट्रेलिया की एक आधुनिक और खुले राष्ट्र के रूप में बनी छवी को लेकर बहस होने लगी. ऑस्ट्रेलियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार, सीमाएं बंद रहने के कारण हर महीने व्यापार को 2.6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया के लोगों, लंबे समय से यहां रहने वालों और छात्रों को नियमों में राहत दी गई है.
दूसरे प्रतिबंध भी हो सकते हैं खत्म
सरकार के ताजा फैसले के बाद से ऐसा माना जा रहा है कि बाकी के प्रतिबंध भी जल्द ही समाप्त हो जाएंगे. यह सब ऐसे वक्त पर हो रहा है, जब देश की लंबे समय से चली आ रही ‘कोविड-जीरो’ पॉलिसी पर अब काम नहीं हो रहा, टीकाकरण की दर में बढ़ोतरी हुई है और ओमिक्रॉन वेरिएंट के बड़ी संख्या में आए मामलों के कारण ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम ढह गया है. अब दुनिया में कुछ ही देश बचे हैं, जिन्होंने अब भी अपने दरवाजे पर्यटकों के लिए बंद किए हुए हैं. इनमें जापान, चीन, न्यूजीलैंड और कुछ द्वीपीय देश शामिल हैं.