राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में बीजेपी कांग्रेस सरकार को प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, रीट पेपर लीक मामला, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे रेप के मामलों पर घेरने की तैयारी में हैं.

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल कलराज मिश्र का अभिभाषण होगा जिसके बाद अभिभाषण पर तीन दिन बहस होगी. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार पहली बार अलग से कृषि बजट पेश करने जा रही है. वहीं एक मार्च को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वित्त मंत्री के रूप में वित्तीय वर्ष 2022-23 का खाका बजट के रूप में पेश करेंगे. गौरतलब है कि 2023 के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में राज्य के विधानसभा चुनाव को देखते हुए गहलोत सरकार का फोकस बजट से सीधा आम जनता को साधने पर रहेगा.
वहीं बजट में बेरोजगारों और महिलाओं के लिए कुछ विशेष ऐलान भी किए जा सकते हैं. इसके अलावा बीजेपी रीट पेपर लीक मामले और किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है. विधानसभा सत्र के लिए कांग्रेस के विधायकों की बैठक 9 फरवरी को सुबह 10 बजे विधानसभा में होगी वहीं विपक्ष दल की बैठक 7 या 8 फरवरी को हो सकती है.
हंगामेदार रहेगा विधानसभा का बजट सत्र
विधानसभा के बजट सत्र को लेकर माना जा रहा है कि इस बार भारी हंगामा होने के आसार हैं. वहीं मिली जानकारी के मुताबिक पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए दर्जन भर मुद्दों की तैयारी की है. जहां बीजेपी कांग्रेस सरकार को प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, रीट पेपर लीक मामला, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे रेप के मामलों पर घेरने की तैयारी में हैं वहीं कांग्रेस सरकार बीजेपी को देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर घेर सकती है. वहीं कांग्रेस सरकार हर मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा करने को तैयार है.
किसानों की कर्ज माफी मुददे की गूंज
राजस्थान में विधानसभा चुनावों से पहले एक बार फिर किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा गरम है. राज्य के कई जिलों में हाल में कर्ज नहीं देने के कारण कई किसानों की जमीन नीलाम करने की भी खबरें सामने आई हैं. वहीं खुद सीएम गहलोत किसानों की कर्ज माफी के बिल पर केंद्र सरकार और कर्ज माफी के बिल पर राज्यपाल कलराज मिश्र के मंजूरी नहीं देने पर निशाना साध चुके हैं.
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2020 को किसानों की 5 एकड़ तक की जमीन को नीलामी या कुर्की से बचाने के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता राजस्थान संशोधन विधेयक 2020 विधानसभा में पारित किया गया था जो अभी धरातल पर नहीं उतर पाया है.