उत्तर प्रदेश में एक चुनाव प्रचार कार्यक्रम के दौरान पूनिया ने कहा कि जब तक राजस्थान में बीजेपी सत्ता में नहीं लौटती है तब तक वह रात्रि भोजन नहीं करेंगे और माला या गुलदस्ता स्वीकार नहीं करेंगे.

राजस्थान में बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया विधानसभा चुनावों से पहले अपनी एक शपथ के चलते चर्चा में आ गए हैं. पूनिया ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान सौगंध खाते हुए कहा कि जब तक राजस्थान में बीजेपी सत्ता में नहीं लौटती है तब तक वह रात्रि भोजन नहीं करेंगे. पूनिया ने इसके अलावा यह भी कहा कि राज्य में 2023 तक बीजेपी सरकार नहीं बनने तक वह किसी भी राजनीतिक व सामाजिक कार्यक्रम में माला या गुलदस्ता स्वीकार नहीं करेंगे. वहीं पूनिया ने तब तक साफा नहीं पहनने का भी प्रण लिया. बता दें कि राजस्थान में 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने है जिसको लेकर अभी से राजनीतिक खींचतान दिखने लगी है.
दरअसल पूनिया इन दिनों उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार अभियान में शामिल हो रहे हैं जहां पूनिया ने एक चुनावी कार्यक्रम में उन्होंने अपने समर्थकों से गुलदस्ते, माला और साफा नहीं पहनने की अपील की.
पूनिया ने कहा कि मैं सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि सभी मिलकर पहले राजस्थान में बीजेपी को सत्ता में लाएं मैं यह सब सम्मान उसके बाद ही ग्रहण करूंगा.
2023 के विधानसभा चुनाव में दिखेंगे बीजेपी के नए चेहरे
पूनिया ने इस दौरान चुनावों को लेकर कहा कि बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में नहीं लौटती है तब तक राजस्थान में संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नए उम्मीदवार जनता के सामने होंगे. बीजेपी नए कार्यकर्ताओं को साबित करने का मौका देगी.
वहीं चुनावी मैदान भी नए चेहरे उतरने जा रहे हैं. वहीं प्रदेश में बीजेपी को लेकर चल रही गुटबाजी पर पूनिया ने कहा कि हर बड़े दल में ऐसा होता है और हम एक बड़े परिवार की तरह हैं. गौरतलब है कि राजस्थान में पूनिया और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दो खेमे में बंटे होने की चर्चाएं आम है.
रीट मुद्दे पर मुकर रहे हैं पूनिया
वहीं सतीश पूनिया इन दिनों राजस्थान में रीट पेपर लीक का मामला मुखरता से उठा रहे हैं. बीते 1 फरवरी को भी जयपुर में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पूनिया के नेतृत्व में गहलोत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. वहीं पूनिया अब आगामी विधानसभा सत्र से पहले भी बीजेपी विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.