राष्ट्रीय लोक दल मुखिया जयंत चौधरी ने कहा कि बीती रात एक खबर चल रही है कि दिल्ली में एक बहुत बड़ी बैठक हुई. उन्होंने कहा कि ये लोग तब कहां गए थे जब लखीमपुर में किसानों को कुचला गया और रौंदा गया.

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों में नेताओं के दलबदल के साथ ही गठबंधनों के बनने-बिगड़ने को लेकर आशंकाओं का दौर भी अभी थमा नहीं है. वहीं, बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेशमें जाटों के बीच पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दौरे पर थे. इस दौरान बीजेपी की ओर राष्ट्रीय लोकदल के सुप्रीमों जयंत चौधरी को ऑफर दिया गया था. हालांकि गुरुवार को जयंत चौधरी ने इस निमंत्रण को ठुकराते हुए कई होने वाली सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं कोई चवन्नी नहीं जो पलट जाऊं.
दरअसल, राष्ट्रीय लोक दल मुखिया जयंत चौधरी ने कहा कि बीती रात एक खबर चल रही है कि दिल्ली में एक बहुत बड़ी बैठक हुई. उन्होंने कहा कि ये लोग तब कहां गए थे जब लखीमपुर में किसानों को कुचला गया और रौंदा गया. उन्होंने बताया कि जानवर के ऊपर भी कोई इस तरह से गाड़ी, इंसानियत रखने वाला, कोई भी इंसान इस तरह की वारदात नहीं करेगा. फिर भी आज वे सभी लोग मंत्री बने बैठे हैं. ये लोग कहां थे उस दिन जो आज मुझसे-आपसे उम्मीद कर रहे हैं. इस दौरान जयंत ने बताया कि मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा. ये हमारे मान-सम्मान की बात है. ये फैसले मैं अकेले नहीं लेता. ये सब बहुत सोच विचार कर फैसला लिया है.
जानिए BJP ने RLD सुप्रीमों को क्या दिया था ऑफर
गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले BJP जाट समुदाय से एक बार फिर समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई हैं. वहीं, कल बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकदल को साथ आने का ऑफर दे दिया था. इस दौरान बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा था कि जयंत चौधरी गलत रास्ते पर चले गए हैं और बीजेपी ने उनके लिए अपने दरवाजे अब भी खुले रखे हैं. हालांकि, जयंत चौधरी ने कल ही बीजेपी के ऑफर को ठुकराते हुए कहा था कि उनकी बजाए बीजेपी को उन 700 किसान परिवारों का न्योता देना चाहिए, जिनके घर उजड़ गए.
BJP सांसद बोले- हम तो चाहते थे कि जयंत हमारे घर में आएं
वहीं, बीजेपी MP प्रवेश वर्मा ने कहा था कि यह तय है कि बीजेपी की सरकार यूपी में बनेगी. ऐसे में जयंत चौधरी ने गलत रास्ता चुना है. यहां के समाज के लोग उनसे बात करेंगे समझाएंगे. चुनाव के बाद संभावनाएं खुली रहती है, हमारा दरवाजा आपके लिए खुला है और किसी संभावना से मना नहीं किया जा सकता है. इसके साथ ही बीजेपी सांसद ने कहा कि हम तो चाहते थे कि हमारे घर में आएं, लेकिन उन्होंने कोई दूसरा घर चुना है.