एक घायल अधिकारी ने बताया, ‘हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि आने वाले पंचायत चुनावों के कारण राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय हम फाइलों के साथ उनके कार्यालय आते तो यह गलत होता. लेकिन वह गुस्सा हो गए और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी.

ओडिशा सरकार के दो अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री बिश्वेश्वर टुडू पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. यह वाकया मयूरभंज जिले का है. अधिकारियों का आरोप है कि मंत्री ने अपने ऑफिस में उनपर कुर्सी से हमला किया. हालांकि बीजेपी सांसद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया. मयूरभंज में सरकारी अधिकारियों को कानूनी रूप से पीटने के आरोप में केंद्रीय मंत्री टुडू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
जिला योजना और निगरानी इकाई के उपनिदेशक अश्विनी कुमार मलिक और सहायक निदेशक देबाशीष महापात्र ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक के लिए अपने गृहनगर बारीपदा में बीजेपी कार्यालय में बुलाया था. समीक्षा बैठक के दौरान कुछ फाइलें साथ नहीं लाने पर केंद्रीय मंत्री टुडू उन पर भड़क गए. ऑफिस का दरवाजा अंदर से बंद करने के बाद मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने दोनों अधिकारियों की पिटाई कर दी. इतना ही नहीं, उन्होंने कुर्सी से भी अधिकारियों पर हमला किया.
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों के साथ की मारपीट
केंद्रीय जल शक्ति और जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू लोकसभा में मयूरभंज निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्हें पिछले साल जुलाई में मोदी कैबिनेट में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया था. जानकारी के मुताबिक, इस हमले के बाद देबाशीष महापात्रा का हाथ टूट गया. जबकि अश्विनी मलिक गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों अधिकारियों को बारीपदा के पीआरएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया कि दो सरकारी अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर बिश्वेश्वर टुडू के खिलाफ बारीपदा टाउन पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 323, 325, 294 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
प्लास्टिक की कुर्सी से किया हमला
घायल अधिकारियों में एक देबासिस महापात्रा ने बताया, ‘मंत्री ने पहले हमें यह कहते हुए डांटा कि हमने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है. हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि आने वाले पंचायत चुनावों के कारण राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय हम फाइलों के साथ उनके कार्यालय आते तो यह गलत होता. लेकिन वह गुस्सा हो गए और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी. दूसरे अधिकारी अश्विनी कुमार ने कहा, ‘जब हम दोनों मंत्री से पार्टी कार्यालय में मिले तो उन्होंने आपा खो दिया. क्योंकि हम MPLADS फाइल लाना भूल गए थे. उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया और हमारे साथ गाली-गलौज की. इसके बाद हम पर प्लास्टिक की कुर्सी से हमला कर दिया. हालांकि हम किसी तरह भागने में सफल रहे.