बिजनेस

पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल के शेयरों में 6साल की सबसे बड़ी गिरावट,20 फीसदी तक टूटा स्टॉक

कंपनी ने बताया कि तीनों स्वतंत्र निदेशकों ने तत्काल प्रभाव से बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, जिनमें कमलेश शिवजी विकमसे, संतोष बी. नायर और थॉमस मैथ्यू टी. शामिल हैं.

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर 19.40 फीसदी टूट गया, जो मई 2015 के बाद इंट्राडे में सबसे बड़ी गिरावट है. पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज बोर्ड के तीनों स्वतंत्र निदेशकों ने कॉरपोरेट संचालन संबंधी कार्यों और अन्य मामलों से जुड़े मुद्दों के चलते इस्तीफा दे दिया. इस खबर से एनबीएफसी कंपनी का शेयरों में बड़ी गिरावट आई. पीटीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा संचालित पीएफएस, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के पास रजिस्टर्ड है.

इस समय पीटीसी इंडिया फाइेंशियल का शेयर 17.15 फीसदी की गिरावट के साथ 21.25 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है. बुधवार को बीएसई पर शेयर 25.65 रुपये पर बंद हुआ था. आज यह 19.49 फीसदी गिरकर 20.65 रुपये के भाव पर खुला.

पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज के तीनों स्वतंत्र निदेशकों ने दिया इस्तीफा

कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे स्वतंत्र निदेशकों कमलेश शिवजी विकमसे, थॉमस मैथ्यू और संतोष नायर से इस्तीफा मिला है. अपने इस्तीफे में मैथ्यू ने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और अनुपालन में कई बार गंभीर खामियां बताई हैं. निदेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक ,भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को भी अपना इस्तीफा भेजा है.

अपने इस्तीफे में स्वतंत्र निदेशकों ने आरोप लगाया है कि सिंह की कार्रवाई उनकी शक्तियों का उल्लंघन है. स्वतंत्र निदेशकों ने कंपनी द्वारा 150 करोड़ रुपये के हाइवे लोन की शर्तों में एकतरफा बदलाव की ओर इशारा किया है. स्वतंत्र निदेशकों ने आरोप लगाया कि सिंह ने एकतरफा रूप से रत्नेश को पीएफएस डायरेक्टर फाइनेंस और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त करने के कंपनी बोर्ड के फैसले को रोकने का फैसला किया है.

उन्होंने पीटीसी इंडिया की ओर से कार्रवाई की कमी पर भी सवाल उठाया है, जिसकी एनबीएफसी में 65 फीसदी हिस्सेदारी है, जिस पर 11,000 करोड़ रुपये के करीब कर्ज होने की उम्मीद है.

कंपनी का बिजनेस

पीटीसी इंडिया (पीटीसी) द्वारा प्रवर्तित पीएफएस, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के रूप में आरबीआई के साथ पंजीकृत है. व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण जमा न करने वाली एनबीएफसी को आरबीआई द्वारा ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

शेयर का प्रदर्शन

पीटीसी इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों ने पिछले एक साल में बीएसई सेंसेक्स से अंडर परफॉर्म किया है. बेंचमार्क इंडेक्स में 22 फीसदी की बढ़ोतरी की तुलना में इस अवधि के दौरान शेयरों में केवल 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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Pooja Pandey

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