राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर अफसरों की ओर से किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं. इस वजह से उनकी अगुवाई में संयुक्त किसान मोर्चा की 10 सदस्यीय टीम 22 जनवरी से तीन दिनों तक लखीमपुर खीरी में रहेगी और पीड़ित किसान परिवारों और अफसरों से बातचीत करेगी.

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मंगलवार को प्रयागराज में कहा कि 3 दिवसीय मंथन सत्र में किसानों और संगठन से जुडे़ मुद्दों पर चर्चा हुई. किसान आंदोलन की सबसे जीत ये है कि राजनीतिक दल अब उनके बारे में सोचते हैं. इस चुनाव में हम किसी का समर्थन नहीं करेंगे. वहीं किसानों ने 22,23, 24 जनवरी को विश्वासघात दिवस मनाने की घोषणा की है. माघ मेला क्षेत्र में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के सम्मेलन का समापन हुआ.
सम्मेलन के आखिरी दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इस बैठक में न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) के लिए बड़े आंदोलन को लेकर भी चर्चा हुई. डेयरी, खाद, बीज पर प्रस्थावित बिल के विरोध में भी आंदोलन का निर्णय लिया गया. आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आंदोलन की तारीख की घोषणा नहीं की गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर अफसरों की ओर से किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं. इस वजह से उनकी अगुवाई में संयुक्त किसान मोर्चा की 10 सदस्यीय टीम 22 जनवरी से तीन दिनों तक लखीमपुर खीरी में रहेगी और पीड़ित किसान परिवारों और अफसरों से बातचीत करेगी.
22-24 जनवरी तक विश्वासघात दिवस
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने 22 से 24 जनवरी तक विश्वासघात दिवस मनाने की घोषणा की. बैठक में एमएसपी की मांग और कृषि से संबंधित कई अन्य प्रस्तावित बिल के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनी. बैठक में ब्लॉक स्तर पर संगठन को और मजबूत करने, किसानों को जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. इससे पहले जिलाध्यक्ष अनुज कुमर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और परिचय कराया.
आंदोलन को याद रखें किसान
चुनाव को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसी दल का समर्थन नहीं करते. किसान अपनी इच्छा से मतदान करें. किसान 13 महीने चले आंदोलन को याद रखे. टिकैत ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि खाद के लिए प्रदेश में आंदोलन होगा. किसान आंदोलन खत्म हुआ है. लेकिन सरकार के खिलाफ अन्य आंदोलन होते रहेंगे. इसी कड़ी में 21 जनवरी को टिकैत तीन दिवसीय दौरे पर लखीमपुर खीरी जाएंगे.