अफ़ग़ानिस्तान दुनिया

बच्चों के बाद अब अपनी किडनी बेचने पर मजबूर हुए लोग, तालिबान राज में गरीबी से बेहाल आवाम

यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ नासिर अहमद ने बताया कि उन्होंने 2021 में 85 किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन किए हैं. उनका कहना है कि इसकी लागत लगभग 6,00,000 अफगानी से 8,00,000 अफगानी तक होती है.

तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्ता की हालत पूरी तरह से खस्ताहाल हो गई है. बढ़ती गरीबी से तंग लोग न सिर्फ अपने जिगर के टुकड़ों को, बल्कि अपने महत्वपूर्ण शरीर के अंगों को भी बेचने पर मजबूर हो गए हैं. बेसहारा लोगों की बढ़ती संख्या और नागरिकों द्वारा लिए जा रहे इस तरह के कठोर फैसले अफगानिस्तान की बदहाली की स्पष्ट गवाही दे रहे हैं. पश्चिमी प्रांत हेरात में पैसे की सख्त जरूरत वाले कई लोगों ने अपनी किडनी बेचकर जान जोखिम में डाल दी है.

अमेरिका और नाटो सैनिकों की काबुल से वापसी के बाद अगस्त के मध्य में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था. तालिबान के शासन की वापसी के बाद से ही अफगान नागरिकों को गरीबी की सामना करना पड़ रहा है. उनके पास खाने तक को पैसे नहीं है. तालिबान सरकार के अंतर्गत जो मजदूर काम कर रहे हैं, उन्हें पैसों के बजाय अनाज दिया जा रहा है. गरीबी इतनी कि लोग अपने बच्चों तक को बेचने पर मजबूर हो रहे हैं. सहायता पर निर्भर इस देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चरमरा रही थी कि तालिबान की वापसी ने इसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

2021 में हुए 85 किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन

यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ नासिर अहमद ने बताया कि उन्होंने 2021 में 85 किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन किए हैं. उनका कहना है कि किडनी डोनर और खरीदार की आपसी सहमति से एक कंप्लीट किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन किया जाता है, जिसकी लागत लगभग 6,00,000 अफगानी से 8,00,000 अफगानी तक होती है. खून के प्रकार के आधार पर किडनी की कीमत लगभग 2,00,000 अफगानी से 4,00,000 अफगानी के बीच हो सकती है. इसमें अस्पताल शुल्क, दवा और ऑपरेशन शुल्क 4,00,000 अफगानी तक पहुंच सकता है.

गरीबी से जूझ रहे लोग किडनी बेचने पर मजबूर

अहमद ने बताया कि अपनी किडनी बेचने वाले बहुत से लोग बहुत गरीब हैं, जिन्हें अपने परिवार का पेट पालने के लिए इस तरह के कठोर फैसले लेने पड़ रहे हैं. हालांकि, डॉक्टर्स बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह के कदम से होने वाले परिणाम बहुत ही ज्यादा गंभीर हो सकते हैं. अपनी किडनी बेचने के लिए आगे आने वाले अधिकांश डोनर अफगानिस्तान में विनाशकारी आर्थिक संकट से प्रभावित गरीब परिवारों से हैं. यही नहीं, वे उन खतरों से भी अनजान हैं, जो एक किडनी के न रहने से उन्हें उठाने पड़ सकते हैं.

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Pooja Pandey

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