यह नियम ऐसे लोगों के लिए है जो किसी कोरोना पॉजिटिव शख्स के संपर्क में आते थे और लक्षण दिखाई नहीं देने पर भी उन्हें प्रशासन की ओर से कोरोना टेस्ट करवाने के निर्देश दिए जाते थे.

महाराष्ट्र में अब आप किसी कोरोना पॉजिटिव शख्स के संपर्क में आते हैं और आपके अंदर अगर कोविड के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो अब आपका कोविड टेस्ट नहीं करवाया जाएगा. अब तक 3T के नियम (ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग) के तहत अगर किसी की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आती थी तो उससे संपर्क में आने वाले लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर टेस्ट करवाया जाता था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी नई गाइडलाइन का पालन करते हुए अब जिन लोगों में लक्षण नही है, उनका कोविड टेस्ट नहीं किया जाएगा. यह जानकारी महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी. साथ ही मुंबई के संरक्षक मंत्री होने के नाते भी उन्होंने कहा कि, ‘लेकिन मुंबई महानगरपालिका ऐसे लोगों पर नज़रें जरूर रखेगी. साथ ही अपने पहले के प्रोटोकॉल के मुताबिक कोई भी बिना लक्षण वाला मरीज अगर हमारे पास आता है, तो हम उसे एडमिट करेंगे.’

अब अगर आपके मन में इस तरह का कोई कंफ्यूजन है कि एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए जो RT-PCR टेस्ट करवाने की शर्त है, उससे छुटकारा मिल गया क्या? तो इसका जवाब है, नहीं. यह नियम ऐसे लोगों के लिए है जो किसी कोरोना पॉजिटिव शख्स के संपर्क में आते थे और लक्षण दिखाई नहीं देने पर भी उन्हें प्रशासन की ओर से कोरोना टेस्ट करवाने के निर्देश दिए जाते थे.
कोविड सेल्फ टेस्ट किट को लेकर यह है नया नियम
इन दिनों मुंबई में कोविड सेल्फ टेस्ट किट की मांग और बिक्री तेजी से बढ़ी है. लोग सेल्फ टेस्ट किट से अपने-अपने घरों में ही कोरोना टेस्ट कर रहे हैं. वे कोरोना टेस्ट करवाने लैब तक नहीं आ रहे हैं. मुंबई में कोरोना केस कम होने की एक वजह यह भी बताई जा रही है. इस प्रचलन से शहर में कोरोना संक्रमितों का असली आंकड़ा सामने नहीं आ रहा है. क्योंकि कई लोग जो सेल्फ कोविड टेस्टिंग किट लेकर जाते हैं, उसकी जानकारी वे बीएमसी को नहीं देते. इनमें से कई लोग पॉजिटिव भी होते हैं. ऐसे में मुंबई के संरक्षक मंत्री असलम शेख ने कहा कि, ‘हमने अब नियम बना दिया है कि जो भी डिस्ट्रीब्यूटर सेल्फ टेस्टिंग किट लेकर जाते हैं. वे अपने स्टॉक का रिकॉर्ड रखें. वह रिकॉर्ड वे लोकल बीएमसी वार्ड को भी शेयर करें, ताकि बीएमसी उस पर नज़र रखे.’
मुंबई के 30 कंटेनमेंट जोन अचानक 0 कैसे हो गए?
मंगलवार को आए आंकड़ों में मुंबई के 30 कंटेनमेंट ज़ोन अचानक 0 कैसे हो गए? पत्रकारों ने जब यह सवाल किया तो मंत्री असलम शेख ने बताया कि हर कंटेनमेंंट ज़ोन का एक समय होता है. उसकी मियाद खत्म होने के बाद उन्हें खोल दिया जाता है इसी के चलते कंटेनमेंट ज़ोन अब खत्म हो गए हैं और नंबर जीरो आया है.
मुंबई में दो दिनों से कोरोना केस कम आ रहे हैं. इससे पहले लगातार चार दिनों तक कोरोना केस 20 हजार को पार कर रहे थे या उसके करीब बने हुए थे. लेकिन सोमवार को 13 हजार 648 और मंगलवार को 11 हजार 647 कोरोना केस सामने आए. इस पर यह आशंका जताई जा रही थी कि केस कम आने की वजह बीएमसी की ओर से टेस्टिंग कम किया जाना है. इसका जवाब देते हुए असलम शेख ने कहा कि, ‘ऐसा नहीं है कि टेस्टिंग कम किया गया, इसलिए मामले कम हुए. कोरोना टेस्टिंग 60 से 70 हज़ार रोज़ाना हो रही है. दरअसल कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बीएमसी की तरफ से जो कदम उठाए गए हैं, उसका असर दिखाई दे रहा है.